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डीएम ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, 100 दवाओं का टोटा
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:00 PM IST
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अंबेडकरनगर। सिर्फ दो दवाओं की मौजूदगी पर जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल पर शिकंजा कसा है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी को कई खामियां मिलीं। प्रशासन की मानें तो अस्पताल में कुल 167 दवाओं में 100 दवाएं उपलब्ध नहीं है। डीएम ने इस पर सीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित करते हुए दवाओं की उपलब्धता व जरूरत आदि को लेकर अविलंब एक रिपोर्ट भी तलब की है। इस बीच डीएम के निरीक्षण में तीन चिकित्सक अनुपस्थित मिले। एक कर्मचारी भी अनुपस्थित था। इन चारों का वेतन रोके जाने का निर्देश डीएम ने दिया। शौचालय के दरवाजे क्षतिग्रस्त मिलने पर अवर अभियंता का भी रोकने का निर्देश डीएम ने दिया। डीएम ने निरीक्षण के अंत में सीएमएस को निर्देश दिया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप स्थानीयस्तर पर खरीददारी कर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
अमर उजाला में ‘जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा, मरीज परेशान’ नामक शीर्षक से छपी खबर को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को डीएम सुरेश कुमार ने 09 बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। लगभग स्टाक रजिस्टर के जायजे में विभिन्न प्रकार की 100 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। डीएम को बताया गया कि कुल 167 दवाएं यहां होनी चाहिए, लेकिन लगभग 100 नहीं हैं। चीफ फार्मासिस्ट सुग्रीव गौतम दवाओं का पूरा विवरण नहीं दे सके। इस पर डीएम ने सीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दवाओं की कमी, उपलब्धता व जरूरत की सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। दवाओं के स्टाक रजिस्टर पर एसएमओ डॉ. आरपी जायसवाल द्वारा सत्यापन नहीं किया गया था। इस पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए डॉ. जायसवाल को एसएमओ से हटाते हुए उनके स्थान दूसरे चिकित्सक की तैनाती का निर्देश दिया। दवाओं की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमएस को स्थानीयस्तर पर दवाओं की खरीददारी किए जाने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी जरूरी दवाएं हैं, उनकी खरीददारी स्थानीयस्तर पर विभागीय नियमों व निर्देशों के अनुरूप की जाए।
अनुपस्थित चिकित्सकों का रोका वेतन
निरीक्षण के दौरान डॉ. मुख्तार शेख, डॉ. पंकज कुमार व महिला चिकित्सक डा. विभा वर्मा अनुपस्थित मिले। इस पर तीनों का वेतन रोके जाने का निर्देश दिया। उपस्थिति रजिस्टर के अवलोकन पर पाया कि डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार व एक अन्य चिकित्सक ने 24 व 25 अक्तूबर को हस्ताक्षर नहीं किया है। इस पर नाराजगी जताते हुए तीनों से स्पष्टीकरण मांगा। शौचालय के दरवाजे क्षतिग्रस्त मिलने पर अवर अभियंता का वेतन रोके जाने का निर्देश सीएमएस को दिया। मेडिकल स्टोर पर कंप्यूटर आपरेटर के नदारद होने पर उसका भी वेतन रोकने का निर्देश डीएम ने दिया। बेपटरी साफ सफाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें सुधार लाए जाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। कहा कि यदि दोबारा निरीक्षण में गंदगी पाई गई, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला में ‘जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा, मरीज परेशान’ नामक शीर्षक से छपी खबर को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को डीएम सुरेश कुमार ने 09 बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। लगभग स्टाक रजिस्टर के जायजे में विभिन्न प्रकार की 100 से अधिक दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। डीएम को बताया गया कि कुल 167 दवाएं यहां होनी चाहिए, लेकिन लगभग 100 नहीं हैं। चीफ फार्मासिस्ट सुग्रीव गौतम दवाओं का पूरा विवरण नहीं दे सके। इस पर डीएम ने सीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दवाओं की कमी, उपलब्धता व जरूरत की सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। दवाओं के स्टाक रजिस्टर पर एसएमओ डॉ. आरपी जायसवाल द्वारा सत्यापन नहीं किया गया था। इस पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए डॉ. जायसवाल को एसएमओ से हटाते हुए उनके स्थान दूसरे चिकित्सक की तैनाती का निर्देश दिया। दवाओं की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमएस को स्थानीयस्तर पर दवाओं की खरीददारी किए जाने का निर्देश दिया। कहा कि जो भी जरूरी दवाएं हैं, उनकी खरीददारी स्थानीयस्तर पर विभागीय नियमों व निर्देशों के अनुरूप की जाए।
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अनुपस्थित चिकित्सकों का रोका वेतन
निरीक्षण के दौरान डॉ. मुख्तार शेख, डॉ. पंकज कुमार व महिला चिकित्सक डा. विभा वर्मा अनुपस्थित मिले। इस पर तीनों का वेतन रोके जाने का निर्देश दिया। उपस्थिति रजिस्टर के अवलोकन पर पाया कि डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार व एक अन्य चिकित्सक ने 24 व 25 अक्तूबर को हस्ताक्षर नहीं किया है। इस पर नाराजगी जताते हुए तीनों से स्पष्टीकरण मांगा। शौचालय के दरवाजे क्षतिग्रस्त मिलने पर अवर अभियंता का वेतन रोके जाने का निर्देश सीएमएस को दिया। मेडिकल स्टोर पर कंप्यूटर आपरेटर के नदारद होने पर उसका भी वेतन रोकने का निर्देश डीएम ने दिया। बेपटरी साफ सफाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें सुधार लाए जाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। कहा कि यदि दोबारा निरीक्षण में गंदगी पाई गई, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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