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कच्ची दीवार के मलबे में दबकर किसान दम्पति की मौत
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:50 AM IST
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भीटी (अंबेडकरनगर)। खजुरी गांव में शनिवार भोर में पड़ोसी की कच्ची दीवार ढहने से उसके मलबे की चपेट में आकर किसान दंपती की मौत हो गई। हादसे में परिवार की एक वृद्धा गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका इलाज भीटी सीएचसी में करने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लेकर जरूरी मदद का भरोसा दिलाया है। उधर दंपती की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दिवंगत महिला गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के तौर पर कार्यरत थी।
भीटी तहसील क्षेत्र के खजुरी ग्राम पंचायत अंतर्गत रामनाथ का पूरा गांव में शनिवार भोर में उस समय हड़कंप मच गया, जब चीख पुकार की आवाज आने लगी। हुआ यह कि गांव निवासी जगन्नाथ व उनके भाई बैजनाथ के घर की कच्ची दीवार भोर में चार बजे करीब भरभराकर ढह गई। दीवार काफी बड़ी व पुरानी थी। दीवार के मलबे ने पिछले हिस्से में स्थित महावीर के कच्चे घर को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय किसान महावीर (54) व उनकी पत्नी सूर्यकली (50) एक छप्पर के नीचे सो रहे थे, जबकि महावीर की मां दशरथा (72) एक अलग छप्पर में लेटी हुई थीं। दीवार का मलबा अचानक दोनों छप्पर पर गिरने से तीनों लोग उसमें दब गए। चीख-पुकार के बीच महावीर के परिवारीजनों के अलावा जगन्नाथ व बैजनाथ के परिवारीजन भी दौड़े। अन्य ग्रामीण भी एकत्र हो गए। टार्च व लालटेन आदि की रोशनी में तत्काल मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ। तीनों घायलों को बाहर निकाला गया तो किसान दंपती बेसुध हो चुुके थे, जबकि दशरथा की हालत गंभीर थी। सभी घायलों को सरकारी एंबुलेंस से तत्काल भीटी सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया, जबकि वृद्धा को इलाज के लिए भर्ती किया गया। बाद में उपचार कर उसे छुट्टी दे दी गई। बताया जाता है कि घटना के समय महावीर के तीन अवयस्क बच्चे भी घर में थे, लेकिन वे दूसरे हिस्से में सो रहे थे।
परिवारीजनों में मचा कोहराम
किसान दंपती की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। महावीर ने अपनी तीन बड़ी पुत्रियों का विवाह कर दिया था। घर पर मौजूद पुत्र कुलदीप (14) तथा दो पुत्रियों सीता (16) व काजल (10) का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों को ढांढस बधाने में कई अन्य ग्रामीण भी भावुक हो जा रहे हैं। बताया जाता है कि महावीर की पत्नी सूर्यकली गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के पद पर कार्यरत थी।
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अधिकारियों ने दिलाया मदद का भरोसा
दीवार गिरने से हुए हादसे के बाद एसडीएम भीटी रामशंकर, सीओ सिटी धर्मेेन्द्र सचान, तहसीलदार अकबरपुर गिरिवर सिंह, तहसीलदार भीटी रामकेवल तिवारी तथा कोतवाल भीटी बीएल मिश्र के साथ ही लेखपालों की टीम ने गांव का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटना के बारे में ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी हासिल की। इसके बाद परिवारीजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में सभी संभव मदद कराई जाएगी।
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भीटी तहसील क्षेत्र के खजुरी ग्राम पंचायत अंतर्गत रामनाथ का पूरा गांव में शनिवार भोर में उस समय हड़कंप मच गया, जब चीख पुकार की आवाज आने लगी। हुआ यह कि गांव निवासी जगन्नाथ व उनके भाई बैजनाथ के घर की कच्ची दीवार भोर में चार बजे करीब भरभराकर ढह गई। दीवार काफी बड़ी व पुरानी थी। दीवार के मलबे ने पिछले हिस्से में स्थित महावीर के कच्चे घर को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय किसान महावीर (54) व उनकी पत्नी सूर्यकली (50) एक छप्पर के नीचे सो रहे थे, जबकि महावीर की मां दशरथा (72) एक अलग छप्पर में लेटी हुई थीं। दीवार का मलबा अचानक दोनों छप्पर पर गिरने से तीनों लोग उसमें दब गए। चीख-पुकार के बीच महावीर के परिवारीजनों के अलावा जगन्नाथ व बैजनाथ के परिवारीजन भी दौड़े। अन्य ग्रामीण भी एकत्र हो गए। टार्च व लालटेन आदि की रोशनी में तत्काल मलबे को हटाने का काम शुरू हुआ। तीनों घायलों को बाहर निकाला गया तो किसान दंपती बेसुध हो चुुके थे, जबकि दशरथा की हालत गंभीर थी। सभी घायलों को सरकारी एंबुलेंस से तत्काल भीटी सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया, जबकि वृद्धा को इलाज के लिए भर्ती किया गया। बाद में उपचार कर उसे छुट्टी दे दी गई। बताया जाता है कि घटना के समय महावीर के तीन अवयस्क बच्चे भी घर में थे, लेकिन वे दूसरे हिस्से में सो रहे थे।
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परिवारीजनों में मचा कोहराम
किसान दंपती की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। महावीर ने अपनी तीन बड़ी पुत्रियों का विवाह कर दिया था। घर पर मौजूद पुत्र कुलदीप (14) तथा दो पुत्रियों सीता (16) व काजल (10) का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों को ढांढस बधाने में कई अन्य ग्रामीण भी भावुक हो जा रहे हैं। बताया जाता है कि महावीर की पत्नी सूर्यकली गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के पद पर कार्यरत थी।
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अधिकारियों ने दिलाया मदद का भरोसा
दीवार गिरने से हुए हादसे के बाद एसडीएम भीटी रामशंकर, सीओ सिटी धर्मेेन्द्र सचान, तहसीलदार अकबरपुर गिरिवर सिंह, तहसीलदार भीटी रामकेवल तिवारी तथा कोतवाल भीटी बीएल मिश्र के साथ ही लेखपालों की टीम ने गांव का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटना के बारे में ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी हासिल की। इसके बाद परिवारीजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में सभी संभव मदद कराई जाएगी।