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आठ करोड़ की लागत से 705 विद्यालयों में बनेगी चहरदीवारी
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:05 PM IST
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अंबेडकरनगर। नौनिहालों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के 705 परिषदीय विद्यालयों में जल्द ही चारदीवारी का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को विद्यालयों की सूची भेज दी है। लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की धनराशि से निर्मित होने वाली बाउंड्रीवाल से लगभग नौ हजार छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में आए दिन होने वाली विभिन्न बाधाओं से निजात मिलेगी।
गौरतलब है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1 हजार 873 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनके सापेक्ष 905 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं है। इसमें 455 प्राथमिक व 250 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। बाउंड्रीवाल न होने से संबंधित विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अक्सर शिक्षण कार्य के दौरान छुट्टा जानवर विद्यालय में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा एमडीएम योजना के तहत भोजन के दौरान अक्सर कुत्ते भोजन ग्रहण करने के स्थान तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में कई बार संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में संबंधित विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग लंबे समय से चली आ रही थी।
लगातार की जा रही मांग को गंभीरता से लेते हुए शासन से बीएसए कार्यालय से बाउंड्रीवालविहीन विद्यालयों की सूची मांगी थी। गत दिवस बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारी सुरेश कुमार के माध्यम से शासन को ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई, जहां बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। इससे लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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शासन को भेजी गई सूची
बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 705 विद्यालयों की सूची शासन को भेज दी गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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गौरतलब है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1 हजार 873 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनके सापेक्ष 905 ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं है। इसमें 455 प्राथमिक व 250 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। बाउंड्रीवाल न होने से संबंधित विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अक्सर शिक्षण कार्य के दौरान छुट्टा जानवर विद्यालय में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा एमडीएम योजना के तहत भोजन के दौरान अक्सर कुत्ते भोजन ग्रहण करने के स्थान तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में कई बार संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में संबंधित विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण की मांग लंबे समय से चली आ रही थी।
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लगातार की जा रही मांग को गंभीरता से लेते हुए शासन से बीएसए कार्यालय से बाउंड्रीवालविहीन विद्यालयों की सूची मांगी थी। गत दिवस बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारी सुरेश कुमार के माध्यम से शासन को ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध करा दी गई, जहां बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा। इससे लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
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शासन को भेजी गई सूची
बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 705 विद्यालयों की सूची शासन को भेज दी गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी