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बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने उठाई कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की आवाज
Updated Sat, 08 Sep 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। सरयू नदी के जलस्तर में कमी का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार शाम तक जलस्तर तेजी से गिरता हुआ खतरे के निशान से महज 15 सेमी ऊपर रह गया। आलापुर के सात पुरवों से पानी हटने व नदी के जलस्तर में कमी होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि सफाई की समुचित व्यवस्था न होने व कीटनाशक दवाओं के छिड़काव को लेकर गंभीरता न दिखाए जाने के चलते संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने दवाओं का छिड़काव कराए जाने की मांग की है।
उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर दर्ज किया गया था। शनिवार भोर से एक बार फिर से जलस्तर में कमी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया। शाम तक जलस्तर पर इसी पर स्थिर बना हुआ था। जलस्तर मे कमी होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। टांडा तहसील के माझा उलटहवा के सात पुरवों व आलापुर तहसील क्षेत्र के अराजी देवारा के चार पुरवों से भी बाढ़ का पानी हट गया है। इन पुरवों के संपर्क मार्ग से भी पानी काफी हद तक हट गया है।
इन सबके बीच चारों तरफ फैली गंदगी से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा के सात पुरवों व माझा कला ग्राम पंचायत में उत्पन्न हो रही है। संबंधित गांव के ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी हटने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। समुचित साफ सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कीटनाशक दवाओं का भी समुचित छिड़काव नहीं किया जा सका है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। माझा के श्यामलाल, रवींद्र व कन्हैया आदि ग्रामीणों ने संक्रामक रोगों से बचाव के लिए समय रहते दवाओं का छिड़कावं कराए जाने जाने की मांग की है।
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संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाने को उठाए जा रहे कदम
जलस्तर में तेजी से कमी हो रही है। संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाता है। -कोमल यादव, एसडीएम टांडा
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उफनाई सरयू नदी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर दर्ज किया गया था। शनिवार भोर से एक बार फिर से जलस्तर में कमी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया। शाम तक जलस्तर पर इसी पर स्थिर बना हुआ था। जलस्तर मे कमी होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। टांडा तहसील के माझा उलटहवा के सात पुरवों व आलापुर तहसील क्षेत्र के अराजी देवारा के चार पुरवों से भी बाढ़ का पानी हट गया है। इन पुरवों के संपर्क मार्ग से भी पानी काफी हद तक हट गया है।
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इन सबके बीच चारों तरफ फैली गंदगी से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा के सात पुरवों व माझा कला ग्राम पंचायत में उत्पन्न हो रही है। संबंधित गांव के ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी हटने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। समुचित साफ सफाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कीटनाशक दवाओं का भी समुचित छिड़काव नहीं किया जा सका है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। माझा के श्यामलाल, रवींद्र व कन्हैया आदि ग्रामीणों ने संक्रामक रोगों से बचाव के लिए समय रहते दवाओं का छिड़कावं कराए जाने जाने की मांग की है।
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संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाने को उठाए जा रहे कदम
जलस्तर में तेजी से कमी हो रही है। संक्रामक रोगों पर अंकुश लगाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाता है। -कोमल यादव, एसडीएम टांडा