{"_id":"5b1034e04f1c1b8b6e8b5a07","slug":"15277887737-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क निर्माण में मनमानी का एक और बड़ा खेल उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क निर्माण में मनमानी का एक और बड़ा खेल उजागर
Updated Thu, 31 May 2018 11:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। सड़कों के निर्माण के नाम पर मनमानी व लूट का एक और बड़े मामले का खुलासा हुआ है। जिला पंचायत ने पीडब्ल्यूडी की दो सड़कों की मरम्मत बिना उसकी अनुमति के ही करा डाला। इस पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च भी जिला पंचायत की तरफ से दिखा दिया गया। बिना अनुमति निर्माण कराने की हड़बड़ी क्यों और किसके इशारे पर थी, यह सभी लोग बखूबी समझ रहे। पीडब्ल्यूडी ने बाकायदा जिला पंचायत को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। कहा है कि ऐसा नहीं करना था। अब मरम्मत करा दिया है, तो उसके देखभाल की जिम्मेदारी भी अगले वर्षों में निभानी होगी।
गौरतलब है कि जिले में मार्ग निर्माण के नाम पर लूट का खेल चल रहा है। खास बात यह है कि इसमें विभागीय अधिकारी व कर्मचारी से लेकर कुछ सफेदपोश भी शामिल बताए जाते हैं। अमर उजाला ने बीते दिनों भीटी तहसील क्षेत्र के बिकवाजीतपुर क्षेत्र में पहले से बने मार्ग पर दोबारा काम शुरू करा देने के दबाकर रखे गए मामले का खुलासा किया था, जिसके बाद से विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। इस प्रकरण की जांच पहले से ही उच्चस्तर पर लंबित है।
अमर उजाला ने सड़क निर्माण के नाम पर चल रहे खेलों की गहनता से छानबीन की कोशिश जारी रखी, तो एक और बड़ा मामला सामने आ गया। इसमें जिला पंचायत ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने ढंग से लोकनिर्माण विभाग की सड़क पर मरम्मत का कार्य करा डाला। गौरतलब है कि हजपुरा से अमरतल तक जाने वाले लगभग साढ़े तीन किमी लंबे मार्ग को पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत के लिए प्रस्तावित किया था। इसी तरह शुकुलबाजार से किछौछा तक के लगभग 12 किमी लंबे मार्ग की मरम्मत भी पीडब्ल्यूडी ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रस्तावित की थी। लोकनिर्माण विभाग अपने दोनों मार्गों पर मरम्मत कराता, इससे पहले ही जिला पंचायत ने अमरतल मार्ग पर एक किमी तथा किछौछा मार्ग पर तीन किमी दूरी तक पिच मार्ग की मरम्मत बिना पीडब्ल्यूडी से अनुमति लिए करा डाला। इस पर जिला पंचायत की तरफ से लगभग 40 लाख रुपये भी खर्च कर दिए गए। बाद में लोकनिर्माण विभाग ने शेष दूरी पर मरम्मत का कार्य कराया। लोकनिर्माण विभाग ने जिला पंचायत की इस हरकत के लिए उसे बाकायदा पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। जिला पंचायत को भेजे गए पत्र में कहा गया कि बिना अनुमति के ही सड़कों की मरम्मत करा दी गई है। ऐसा नहीं होना था। अब मरम्मत कराई गई है, तो आने वाले वर्षों में उसी धनराशि में ही सड़क के रखरखाव की संबंधित दूरी तक जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
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लाखों के खर्च की हो जांच
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा है कि जिला पंचायत ने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर मरम्मत का जो काम कराया है, उसकी टीएसी से जांच कराई जाए। ऐसा करने पर यह साफ हो जाएगा कि जिला पंचायत द्वारा पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लाखों खर्च कर मरम्मत कराने के पीछे आखिर कौन सी हड़बड़ी थी। सड़क मरम्मत की गुणवत्ता ही इस पूरे खेल को उजागर करने में पर्याप्त रहेगी।
होती रहती है ऐसी चूक
सड़क निर्माण के मामले में ऐसी चूक होती रहती है। जिला पंचायत ने पूर्व में कई सड़कों की अनुमति ली है। किसी एक दो मामले में यदि अनुमति नहीं ली गई होगी, तो इसे जानबूझकर कोई गलती नहीं मानी जा सकती। -अजय यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
नियमानुसार अपनाई जाएगी प्रक्रिया
पिछले कुछ दिनों में सड़क निर्माण के नाम पर जो भी शिकायतें सामने आई हैं, उस पर नियमानुसार प्रक्रिया चल रही है। किसी स्तर पर गड़बड़ी तय होने पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम
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गौरतलब है कि जिले में मार्ग निर्माण के नाम पर लूट का खेल चल रहा है। खास बात यह है कि इसमें विभागीय अधिकारी व कर्मचारी से लेकर कुछ सफेदपोश भी शामिल बताए जाते हैं। अमर उजाला ने बीते दिनों भीटी तहसील क्षेत्र के बिकवाजीतपुर क्षेत्र में पहले से बने मार्ग पर दोबारा काम शुरू करा देने के दबाकर रखे गए मामले का खुलासा किया था, जिसके बाद से विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। इस प्रकरण की जांच पहले से ही उच्चस्तर पर लंबित है।
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अमर उजाला ने सड़क निर्माण के नाम पर चल रहे खेलों की गहनता से छानबीन की कोशिश जारी रखी, तो एक और बड़ा मामला सामने आ गया। इसमें जिला पंचायत ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने ढंग से लोकनिर्माण विभाग की सड़क पर मरम्मत का कार्य करा डाला। गौरतलब है कि हजपुरा से अमरतल तक जाने वाले लगभग साढ़े तीन किमी लंबे मार्ग को पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत के लिए प्रस्तावित किया था। इसी तरह शुकुलबाजार से किछौछा तक के लगभग 12 किमी लंबे मार्ग की मरम्मत भी पीडब्ल्यूडी ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रस्तावित की थी। लोकनिर्माण विभाग अपने दोनों मार्गों पर मरम्मत कराता, इससे पहले ही जिला पंचायत ने अमरतल मार्ग पर एक किमी तथा किछौछा मार्ग पर तीन किमी दूरी तक पिच मार्ग की मरम्मत बिना पीडब्ल्यूडी से अनुमति लिए करा डाला। इस पर जिला पंचायत की तरफ से लगभग 40 लाख रुपये भी खर्च कर दिए गए। बाद में लोकनिर्माण विभाग ने शेष दूरी पर मरम्मत का कार्य कराया। लोकनिर्माण विभाग ने जिला पंचायत की इस हरकत के लिए उसे बाकायदा पत्र भेजकर आपत्ति जताई है। जिला पंचायत को भेजे गए पत्र में कहा गया कि बिना अनुमति के ही सड़कों की मरम्मत करा दी गई है। ऐसा नहीं होना था। अब मरम्मत कराई गई है, तो आने वाले वर्षों में उसी धनराशि में ही सड़क के रखरखाव की संबंधित दूरी तक जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
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लाखों के खर्च की हो जांच
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा है कि जिला पंचायत ने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर मरम्मत का जो काम कराया है, उसकी टीएसी से जांच कराई जाए। ऐसा करने पर यह साफ हो जाएगा कि जिला पंचायत द्वारा पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लाखों खर्च कर मरम्मत कराने के पीछे आखिर कौन सी हड़बड़ी थी। सड़क मरम्मत की गुणवत्ता ही इस पूरे खेल को उजागर करने में पर्याप्त रहेगी।
होती रहती है ऐसी चूक
सड़क निर्माण के मामले में ऐसी चूक होती रहती है। जिला पंचायत ने पूर्व में कई सड़कों की अनुमति ली है। किसी एक दो मामले में यदि अनुमति नहीं ली गई होगी, तो इसे जानबूझकर कोई गलती नहीं मानी जा सकती। -अजय यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
नियमानुसार अपनाई जाएगी प्रक्रिया
पिछले कुछ दिनों में सड़क निर्माण के नाम पर जो भी शिकायतें सामने आई हैं, उस पर नियमानुसार प्रक्रिया चल रही है। किसी स्तर पर गड़बड़ी तय होने पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम