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2605 स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेंगे चाइल्ड व बेबी फ्रैंडली शौचालय
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:44 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के 2 हजार 605 परिषदीय व आंगनबाड़ी केंद्रों के लगभग पौने दो लाख बच्चों को शीघ्र ही अत्याधुनिक शौचालय का लाभ मिलने लगेगा। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 1855 परिषदीय विद्यालयों में चाइल्ड फ्रेंडली, जबकि 750 आंगनबाड़ी केंद्रों में बेबी फ्रेंडली शौचालय का निर्माण होगा। सभी आधुनिक उपकरणों से लैस अत्याधुनिक प्रसाधन के निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत निधि में शासन से आवश्यक राशि उपलब्ध करा दी गई है। 325 शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण भी हो चुका है। उम्मीद है कि अप्रैल माह के अंत तक सभी प्रसाधन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और नये शिक्षा सत्र से इसका लाभ मिलने लगेगा।
गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसी योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के लिए भी आधुनिक उपकरणों से लैस शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 1855 परिषदीय विद्यालयों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत निधि द्वारा निर्माण कराए जाने वाले शौचालय का 1 लाख 21 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इन शौचालयों में न सिर्फ टाइल्स लगेंगे, बल्कि पानी की टंकी आदि भी लगेगी। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 250 विद्यालयों में अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण पूर्ण भी हो चुका है, जबकि 1605 विद्यालयों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इसी प्रकार जिले के 750 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बेबी फ्रेंडली के नाम से अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण योजना के तहत कराया जा रहा है। इसका लगभग 40 हजार बच्चों को शौच के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। मौजूदा समय में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों में अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 675 केंद्रों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक सभी शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे शौचालय
ग्राम पंचायत निधि के माध्यम से अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इन शौचालयों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। अप्रैल के अंत तक सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसका समुचित लाभ संबंधित विद्यालयों व केंद्रों के बच्चों को मिलने लगेगा। -संजीत पटेल जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज
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गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसी योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के लिए भी आधुनिक उपकरणों से लैस शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के 1855 परिषदीय विद्यालयों में चाइल्ड फ्रेंडली शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत निधि द्वारा निर्माण कराए जाने वाले शौचालय का 1 लाख 21 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। इन शौचालयों में न सिर्फ टाइल्स लगेंगे, बल्कि पानी की टंकी आदि भी लगेगी। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 250 विद्यालयों में अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण पूर्ण भी हो चुका है, जबकि 1605 विद्यालयों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
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इसी प्रकार जिले के 750 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बेबी फ्रेंडली के नाम से अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण योजना के तहत कराया जा रहा है। इसका लगभग 40 हजार बच्चों को शौच के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। मौजूदा समय में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों में अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 675 केंद्रों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक सभी शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे शौचालय
ग्राम पंचायत निधि के माध्यम से अत्याधुनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इन शौचालयों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। अप्रैल के अंत तक सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसका समुचित लाभ संबंधित विद्यालयों व केंद्रों के बच्चों को मिलने लगेगा। -संजीत पटेल जिला परियोजना प्रबंधक पंचायतीराज