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दुष्कर्म आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:34 AM IST
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दुष्कर्म के आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर
राजेसुल्तानपुर। दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट तहसीलदार सिंह ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। मामला राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र की है।
मालूम हो कि बीते 18 सिंतबर को थाने में तहरीर देकर एक व्यक्ति ने कहा था कि उसकी पुत्री एक दिन शाम को नित्यक्रिया को निकली थी। रास्ते में गांव के उपेंद्र व इंद्रजीत ने उसे पकड़ लिया और डरा धमका कर दुष्कर्म किया। बाद में दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अवर व सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। आरोपियों ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए दूसरा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
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इसमें कहा गया कि पीड़ित युवती ने अपने साथ ऐसी कोई घटना होने से इनकार किया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इस आधार पर जमानत दी जाए। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट तहसीलदार सिंह ने दोनों आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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राजेसुल्तानपुर। दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट तहसीलदार सिंह ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। मामला राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र की है।
मालूम हो कि बीते 18 सिंतबर को थाने में तहरीर देकर एक व्यक्ति ने कहा था कि उसकी पुत्री एक दिन शाम को नित्यक्रिया को निकली थी। रास्ते में गांव के उपेंद्र व इंद्रजीत ने उसे पकड़ लिया और डरा धमका कर दुष्कर्म किया। बाद में दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अवर व सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। आरोपियों ने सत्र न्यायालय में जमानत के लिए दूसरा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
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इसमें कहा गया कि पीड़ित युवती ने अपने साथ ऐसी कोई घटना होने से इनकार किया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इस आधार पर जमानत दी जाए। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट तहसीलदार सिंह ने दोनों आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।