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निजी रजिस्ट्रेशन पर अब वाहन से सवारी ढोना पड़ेगा महंगा
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:47 PM IST
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निजी वाहन से सवारियां ढोना पड़ेगा महंगा
-वैवाहिक आयोजन व अन्य बुकिंग पर चलने वाले निजी वाहनों पर कार्रवाई करने की तैयारी में परिवहन विभाग
-कराएगा रिकार्डिंग, रजिस्ट्रेशन की तिथि से वसूला जाएगा टैक्सी का टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। निजी वाहन के तौर पर पंजीकरण कराकर टैक्सी के रूप में गाड़ियां चलाने वाले मालिकों पर जज्द ही कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार के सख्त रुख के बाद परिवहन विभाग ने अब निजी रजिस्ट्रेशन पर टैक्सी के रूप में चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ऐसे वाहनों की वीडियो रिकार्डिंग कराकर उसके आधार पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
परिवहन विभाग को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व की चोट पहुंचा रहे वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी में है। शासन ने विभाग को ऐसे वाहनों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन प्राइवेट श्रेणी में है उनका प्रयोग टैक्सी के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे वाहन प्रतिवर्ष टैक्स चोरी के रूप में राजस्व का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। ऐसे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए वैवाहिक आयोजनों व सड़कों पर सवारियां ढोने वाली गाड़ियों की वीडियो रिकार्डिंग कराने का सुझाव भी शासन ने दिया है। इसके आधार पर तय किया जाए कि संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन किस श्रेणी का है। नियम का उल्लंघन होता पाया जाता है तो संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूल किया जाए।
एआरटीओ अशोक कुमार ने इस संबंध में शासन से पत्र मिलने की बात कही। बताया कि अब उन सभी वाहनों पर नजर रखी जाएगी जिनका रजिस्ट्रेशन प्राइवेट श्रेणी का है लेकिन उपयोग टैक्सी के रूप किया जा रहा। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित वाहन स्वामी से वाहन रजिस्ट्रेशन की तिथि से टैक्सी परमिट के हिसाब से लगने वाले टैक्स की राशि वसूल की जाएगी। अब शासनादेश के मुताबिक वाहन का रजिस्ट्रेशन कराते समय वाहन स्वामी को शपथ पत्र देना होगा। उसमें यह उल्लेख होगा कि वह भविष्य में वाहन का प्रयोग टैक्सी के रूप करता है तो विभाग उसके ऊपर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। गौरतलब है कि जिले में 3 हजार 479 चार पहिया बोलेरो (जीप) वाहन पंजीकृत हैं। उनमें महज 215 वाहनों ने टैक्सी परमिट लिया है। निजी वाहन के रूप में पंजीकृत ज्यादातर बोलेरो टैक्सी के रूप में संचालित हो रही हैं।
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अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
एआरटीओ ने बताया कि जल्द ही ऐसे वाहन स्वामियों को आगाह करने के लिए नोटिस भेजी जाएगी। इसके बाद टीम बनाकर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। निजी रजिस्ट्रेशन वाले वाहन का उपयोग टैक्सी के रूप में पाया गया तो दंडात्मक कार्रवाई होगी। कहा कि बुकिंग पर सिर्फ टैक्सी परमिट वाले वाहन ही चल सकेंगे। निर्देशों का पालन कराने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।
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-वैवाहिक आयोजन व अन्य बुकिंग पर चलने वाले निजी वाहनों पर कार्रवाई करने की तैयारी में परिवहन विभाग
-कराएगा रिकार्डिंग, रजिस्ट्रेशन की तिथि से वसूला जाएगा टैक्सी का टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। निजी वाहन के तौर पर पंजीकरण कराकर टैक्सी के रूप में गाड़ियां चलाने वाले मालिकों पर जज्द ही कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार के सख्त रुख के बाद परिवहन विभाग ने अब निजी रजिस्ट्रेशन पर टैक्सी के रूप में चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ऐसे वाहनों की वीडियो रिकार्डिंग कराकर उसके आधार पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
परिवहन विभाग को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व की चोट पहुंचा रहे वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी में है। शासन ने विभाग को ऐसे वाहनों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन प्राइवेट श्रेणी में है उनका प्रयोग टैक्सी के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे वाहन प्रतिवर्ष टैक्स चोरी के रूप में राजस्व का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। ऐसे वाहनों पर लगाम लगाने के लिए वैवाहिक आयोजनों व सड़कों पर सवारियां ढोने वाली गाड़ियों की वीडियो रिकार्डिंग कराने का सुझाव भी शासन ने दिया है। इसके आधार पर तय किया जाए कि संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन किस श्रेणी का है। नियम का उल्लंघन होता पाया जाता है तो संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूल किया जाए।
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एआरटीओ अशोक कुमार ने इस संबंध में शासन से पत्र मिलने की बात कही। बताया कि अब उन सभी वाहनों पर नजर रखी जाएगी जिनका रजिस्ट्रेशन प्राइवेट श्रेणी का है लेकिन उपयोग टैक्सी के रूप किया जा रहा। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित वाहन स्वामी से वाहन रजिस्ट्रेशन की तिथि से टैक्सी परमिट के हिसाब से लगने वाले टैक्स की राशि वसूल की जाएगी। अब शासनादेश के मुताबिक वाहन का रजिस्ट्रेशन कराते समय वाहन स्वामी को शपथ पत्र देना होगा। उसमें यह उल्लेख होगा कि वह भविष्य में वाहन का प्रयोग टैक्सी के रूप करता है तो विभाग उसके ऊपर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। गौरतलब है कि जिले में 3 हजार 479 चार पहिया बोलेरो (जीप) वाहन पंजीकृत हैं। उनमें महज 215 वाहनों ने टैक्सी परमिट लिया है। निजी वाहन के रूप में पंजीकृत ज्यादातर बोलेरो टैक्सी के रूप में संचालित हो रही हैं।
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अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
एआरटीओ ने बताया कि जल्द ही ऐसे वाहन स्वामियों को आगाह करने के लिए नोटिस भेजी जाएगी। इसके बाद टीम बनाकर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। निजी रजिस्ट्रेशन वाले वाहन का उपयोग टैक्सी के रूप में पाया गया तो दंडात्मक कार्रवाई होगी। कहा कि बुकिंग पर सिर्फ टैक्सी परमिट वाले वाहन ही चल सकेंगे। निर्देशों का पालन कराने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।