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लक्ष्य में भारी इजाफा, बनेंगे 39 हजार अतिरिक्त शौचालय
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:20 PM IST
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लक्ष्य में भारी इजाफा, बनेंगे 39 हजार अतिरिक्त शौचालय
शुरुआत में शासन से मिला था 27 हजार 572 का लक्ष्य
खुले में शौच रोकने के लिए केंद्र सरकार की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में बन रहे शौचालयों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले मौजूदा वित्तीय वर्ष में 27 हजार 572 का लक्ष्य था, वहीं अब 66 हजार 644 शौचालय बनाने का निर्णय हुआ है। ऐसे में अब 39 हजार 72 अतिरिक्त पात्रों को भी शौचालय का लाभ मिल सकेगा।
गौरतलब है कि खुले में शौच रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। इसी के चलते स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने का निर्णय लिया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जिले में 27 हजार 572 शौचालय के निर्माण का लक्ष्य था। इसके निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रति शौचालय की दर से प्रशासन को 33 करोड़ 8 लाख 64 हजार रुपए की धनराशि भी प्रदान कर दी गई। इस बीच सरकार ने लक्ष्य में भारी बढोतरी कर दी है। शासन से बीते दिनों जिला पंचायत राज कार्यालय को प्राप्त हुए पत्र से जानकारी मिली कि सरकार ने शौचालय निर्माण की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में अब जिले में 39 हजार 72 अतिरिक्त शौचालय और बनाए जाएंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी मयाशंकर ने बताया कि पत्र के जरिये निर्धारित समयावधि के अंदर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। वित्तीय वर्ष के शुरुआत में जहां यह लक्ष्य 27 हजार 572 था, वहीं अब बढ़कर 66 हजार 644 हो गया है। पात्रों का चयन कर शौचालय का निर्माण तेजी से कराने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं। जल्द ही इसके लिए शासन से 46 करोड़ 88 लाख 64 हजार रुपए की धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वच्छता अभियान के जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पात्रों की चयन प्रक्रिया में अब और तेजी लाई जाएगी। बीते वित्तीय वर्ष के अधूरे पड़े शौचालयों के निर्माण के चलते मौजूदा वित्तीय वर्ष के कार्य में कुछ विलंब हुआ है।
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ढाई माह में बने सिर्फ 1737 शौचालय
एक तरफ जहां केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देने के लिए शौचालयों का निर्माण कराने को लेकर गंभीर है, वहीं स्थानीय स्तर पर कोई खास प्रयास होता नहीं दिख रहा है। अप्रैल से अब तक जिले में सिर्फ 1737 शौचालय बन सके हैं। यह हाल तब है जबकि लक्ष्य बढ़कर 66 हजार 644 हो चुका है। ऐसे में विभाग इसे निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कर पाएगा, यह प्रमुख सवाल बना हुआ है।
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शुरुआत में शासन से मिला था 27 हजार 572 का लक्ष्य
खुले में शौच रोकने के लिए केंद्र सरकार की पहल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में बन रहे शौचालयों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले मौजूदा वित्तीय वर्ष में 27 हजार 572 का लक्ष्य था, वहीं अब 66 हजार 644 शौचालय बनाने का निर्णय हुआ है। ऐसे में अब 39 हजार 72 अतिरिक्त पात्रों को भी शौचालय का लाभ मिल सकेगा।
गौरतलब है कि खुले में शौच रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। इसी के चलते स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने का निर्णय लिया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जिले में 27 हजार 572 शौचालय के निर्माण का लक्ष्य था। इसके निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रति शौचालय की दर से प्रशासन को 33 करोड़ 8 लाख 64 हजार रुपए की धनराशि भी प्रदान कर दी गई। इस बीच सरकार ने लक्ष्य में भारी बढोतरी कर दी है। शासन से बीते दिनों जिला पंचायत राज कार्यालय को प्राप्त हुए पत्र से जानकारी मिली कि सरकार ने शौचालय निर्माण की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में अब जिले में 39 हजार 72 अतिरिक्त शौचालय और बनाए जाएंगे।
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जिला पंचायत राज अधिकारी मयाशंकर ने बताया कि पत्र के जरिये निर्धारित समयावधि के अंदर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। वित्तीय वर्ष के शुरुआत में जहां यह लक्ष्य 27 हजार 572 था, वहीं अब बढ़कर 66 हजार 644 हो गया है। पात्रों का चयन कर शौचालय का निर्माण तेजी से कराने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं। जल्द ही इसके लिए शासन से 46 करोड़ 88 लाख 64 हजार रुपए की धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वच्छता अभियान के जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पात्रों की चयन प्रक्रिया में अब और तेजी लाई जाएगी। बीते वित्तीय वर्ष के अधूरे पड़े शौचालयों के निर्माण के चलते मौजूदा वित्तीय वर्ष के कार्य में कुछ विलंब हुआ है।
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ढाई माह में बने सिर्फ 1737 शौचालय
एक तरफ जहां केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन को बढ़ावा देने के लिए शौचालयों का निर्माण कराने को लेकर गंभीर है, वहीं स्थानीय स्तर पर कोई खास प्रयास होता नहीं दिख रहा है। अप्रैल से अब तक जिले में सिर्फ 1737 शौचालय बन सके हैं। यह हाल तब है जबकि लक्ष्य बढ़कर 66 हजार 644 हो चुका है। ऐसे में विभाग इसे निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कर पाएगा, यह प्रमुख सवाल बना हुआ है।