प्रयागराज : युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट, जंतर मंतर पर जाने से पहले ही नजरबंद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को हाउस अरेस्ट किए जाने का संगठन ने आरोप लगाया है। युवा मंच ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल बताते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। अनिल सिंह ने कहा कि सरकार की कोशिशों से अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं रुकेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि धर्मेंद्र प्रधान के बाद दूसरा विकेट भी गिरेगा।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा मंच ने आंदोलन का एलान किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को दिल्ली जाने से पहले हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया गया है। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होना था। युवा मंच का कहना है कि अनिल सिंह को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।
संगठन ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है। जनता की आवाज दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
अनिल सिंह ने कहा कि सरकार की कोशिशों से अन्याय के खिलाफ उनकी आवाज नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। सत्ता किसी की निजी संपत्ति नहीं है। जनता की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों से सवाल पूछना जनता का अधिकार है। ऐसे सवालों का जवाब पारदर्शिता और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए। असहमति को भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जगह मिलनी चाहिए।
अनिल सिंह ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "सरकार जितनी भी कोशिश कर ले, अन्याय के खिलाफ हमारी आवाज रुकने वाली नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान के बाद दूसरा विकेट भी गिरेगा।"
अनिल सिंह ने कहा कि यह आंदोलन लोकतंत्र, जवाबदेही और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। युवा मंच ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन के मुताबिक, वह अपनी मांगें लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाता रहेगा। अब इस मामले में प्रशासन के पक्ष का इंतजार है। साथ ही, यह देखना होगा कि युवा मंच अपनी मांगों को लेकर आगे क्या कदम उठाता है।