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High Court : बालिग अपनी पसंद से शादी करने और रहने के लिए स्वतंत्र, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर माना वयस्क
Wed, 20 May 2026 07:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 20 May 2026 07:18 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की बालिग है तो उसे अपनी पसंद के युवक से विवाह करने और उसके साथ रहने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की ओर से पेश रिपोर्ट के आधार पर उसे बालिग माना।
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अदालत का आदेश
- फोटो : istock
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की बालिग है तो उसे अपनी पसंद के युवक से विवाह करने और उसके साथ रहने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की ओर से पेश रिपोर्ट के आधार पर उसे बालिग माना।
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कोर्ट ने मामले में नामजद चारों याचियों की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने आरती सिंह व तीन अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। मिर्जापुर के कोतवाली देहात थाने में लड़की के पिता ने याचियों के खिलाफ अपहरण और आपराधिक साजिश के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गए।
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कोर्ट ने 15 मई को लड़की की उम्र को लेकर प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देशन पर मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के समक्ष मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से सीलबंद लिफाफे में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मेडिकल बोर्ड ने ऑसिफिकेशन टेस्ट और दंत परीक्षण के आधार पर लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 20 वर्ष से कम आंकी। कोर्ट के समक्ष युवती ने बयान दिया कि उसने युवक के साथ शिवरात्रि के दिन शादी की है। अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
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