{"_id":"622cf3e95ac2e956f0122d0f","slug":"young-man-caught-in-the-grip-of-chinese-manjha-allahabad-news-ald328750881","type":"story","status":"publish","title_hn":"चाइनीज मंझे की चपेट में आया युवक, लहुलुहान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चाइनीज मंझे की चपेट में आया युवक, लहुलुहान
विज्ञापन
चाइनीज मंझे की चपेट में आया युवक, लहुलुहान
रोक के बावजूद हो रही बिक्री, पुलिस बेखबर
प्रयागराज। चाइनीज मंझे की रोक पर बिक्री के पुलिस अफसरों के दावों के बावजूद इसकेचलते होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। आनंद भवन के पास भी एक ऐसी ही घटना में एलनगंज निवासी मनीष सैनी जख्मी हो गया। बाइक से जाते वक्त चाइनीज मंझे ने उसका गला रेत दिया और उसे गहरा जख्म हुआ। उसके गले में 12 टांके लगे हैं।
मनीष चाइनीज फूड स्टाल लगाता है और वह एलनगंज में रहता है। शुक्रवार शाम चार बजे के करीब वह बाइक से सामान लेने चौक जा रहा था। अभी वह आनंद भवन के पास पहुंचा था कि तभी अचानक चाइनीज मंझा उसके गले को रेतता हुआ निकल गया। इससे उसके गले में गहरा जख्म हुआ और वह लहुलुहान हो गया। आसपास के लोगों की मदद से उसे पास ही स्थित अस्पताल ले जाया गया जहां उसे 12 टांके लगाने पड़े। जानकारी पर घरवाले भी आ गए। डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है लेकिन उसे फिलहाल कुछ दिनों के लिए बेडरेस्ट की सलाह दी है। गौरतलब है कि हर बार घटना के बाद पुलिस की ओर से अभियान चलाकर कार्रवाई का दावा किया जाता है। लेकिन कुछ दिनों बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।
विज्ञापन
रोक के बावजूद हो रही बिक्री, पुलिस बेखबर
प्रयागराज। चाइनीज मंझे की रोक पर बिक्री के पुलिस अफसरों के दावों के बावजूद इसकेचलते होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। आनंद भवन के पास भी एक ऐसी ही घटना में एलनगंज निवासी मनीष सैनी जख्मी हो गया। बाइक से जाते वक्त चाइनीज मंझे ने उसका गला रेत दिया और उसे गहरा जख्म हुआ। उसके गले में 12 टांके लगे हैं।
मनीष चाइनीज फूड स्टाल लगाता है और वह एलनगंज में रहता है। शुक्रवार शाम चार बजे के करीब वह बाइक से सामान लेने चौक जा रहा था। अभी वह आनंद भवन के पास पहुंचा था कि तभी अचानक चाइनीज मंझा उसके गले को रेतता हुआ निकल गया। इससे उसके गले में गहरा जख्म हुआ और वह लहुलुहान हो गया। आसपास के लोगों की मदद से उसे पास ही स्थित अस्पताल ले जाया गया जहां उसे 12 टांके लगाने पड़े। जानकारी पर घरवाले भी आ गए। डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है लेकिन उसे फिलहाल कुछ दिनों के लिए बेडरेस्ट की सलाह दी है। गौरतलब है कि हर बार घटना के बाद पुलिस की ओर से अभियान चलाकर कार्रवाई का दावा किया जाता है। लेकिन कुछ दिनों बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।
विज्ञापन