World Spine Day : अब युवाओं की भी हड्डियां दे रहीं जवाब, गलत खानपान और जीवनशैली बना रही रोगी
खासताैर पर युवाओं में रीढ़ के हड्डी की समस्याएं बढ़ रही है। स्थिति यह है कि सिर्फ एसआरएन अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन 40 से 45 युवा रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द की समस्या से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
विस्तार
आम तौर पर विटामिन और कैलशियम की कमी से 40 वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों की समस्या सामने आती है, लेकिन अब गलत जीवनशैली और खानपान के कारण युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासताैर पर युवाओं में रीढ़ के हड्डी की समस्याएं बढ़ रही है। स्थिति यह है कि सिर्फ एसआरएन अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन 40 से 45 युवा रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द की समस्या से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। वहीं बेली, कॉल्विन और निजी अस्पताल को मिला लें तो रोजाना 200 से अधिक रीढ़ की हड्डी व कमर दर्द से पीड़ित मरीजों की ओपीडी होती है।
केस नंबर 1-करेली निवासी 35 वर्षीय महिला एक निजी संस्था में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। उन्हें पिछले चार महीने से चलने-फिरने में तकलीफ हो रही थी। धीरे-धीरे कमर में जकड़न होने लगी। पिछले महीने जब वह एसआरएस अस्पताल दिखाने पहुंचीं तो डॉक्टरों ने उन्हें दवा लेने और नियमित व्यायाम करने के साथ एक महीने आराम करने की सलाह दी है।
केस नंबर 2- करछना निवासी 24 वर्षीय युवक को जल्द से जल्द अपनी बॉडी बनाकर सलमान खान की तरह दिखने का शौक था। उसने जिम में बिना किसी ट्रेनर के आवश्यकता से अधिक वजन उठाकर वेट लिफ्टिंग की। जिसकी वजह से उसकी कमर में भयंकर दर्द उत्पन्न हुआ। शुरुआत में तो उसने इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया और जिम करता रहा, मगर एक हफ्ते बाद उसका चलना-फिरना मुश्किल हो गया। इसके बाद परिजन एक महीने पहले उसे गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचे। फिलहाल युवक को तीन महीने तक बेड रेस्ट करने के लिए कहा गया है।
केस नंबर 3- झूंसी निवासी 35 वर्षीय महिला परिवारिक कार्य में इतनी व्यस्त रहती थी कि उसे अपने स्वास्थ्य की चिंता ही नहीं थी। लगभग चार महीने पहले उसके कमर में दर्द शुरू हुआ। पहले तो वह इसे मालिश करके ठीक कर लेती थी। धीरे-धीरे दर्द पैरों में पहुंच गया। आज चिकित्सकों ने महिला को दो महीने के लिए बेड रेस्ट बोला है।
क्या है उपाय
1-तैराकी, साइकिल चलाना व तेज चलना अच्छे एरोबिक व्यायाम हैं।
2-भारी वस्तु को उठाने के लिए बैठ जाना (झुककर न उठाएं)। अगर कोई वस्तु बहुत भारी या असुविधाजनक है तो मदद लें।
3-बैठते और खड़े होते समय सही मुद्रा बनाए रखें।
4-धूम्रपान न करें।
5-यदि संभव हो तो तनावपूर्ण स्थितियों से बचें, क्योंकि इससे मांसपेशियों में तनाव हो सकता है।
6-उचित वजन बनाए रखें। अतिरिक्त वजन, विशेष रूप से मध्य भाग के आसपास, पीठ के निचले हिस्से पर दबाव डाल सकता है।
अधिक देर तक बैठकर काम करना, ठीक ढंग से न लेटना, वजन का बढ़ना और आवश्यकता से अधिक वजन उठाना युवाओं में रीढ़ की हड्डी व कमर दर्द का कारण बन रहा है। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है। -डॉ. डीसी श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।