Prayagraj : हैंडबैग लेकर भागे उचक्के को पकड़ने के लिए चलती ट्रेन से कूदी महिला
बेटा-बेटी के साथ दानापुर स्पेशल ट्रेन से सफर कर रही एक महिला का हैंडबैग एक उचक्का छीनकर ट्रेन से कूदा तो वह भी पीछा करते हुए कूद गई। घटना मंगलवार भोर की है।
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बेटा-बेटी के साथ दानापुर स्पेशल ट्रेन से सफर कर रही एक महिला का हैंडबैग एक उचक्का छीनकर ट्रेन से कूदा तो वह भी पीछा करते हुए कूद गई। घटना मंगलवार भोर की है। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार कम थी और महिला को गंभीर चोटें नहीं आईं। करछना सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उसे दूसरी ट्रेन से भेज दिया गया। मामले की शिकायत आरपीएफ थाने में दर्ज की गई है।
बिहार के वैशाली जिला थाना महोवा गांव अपसियालपुर निवासी नूतन देवी (40) पत्नी संतोष सिंह अपनी बेटी सिमरन और बेटे साहिल कुमार के साथ दानापुर स्पेशल ट्रेन (संख्या 04088) से दानापुर जा रही थीं। यह ट्रेन नई दिल्ली से दानपुर जाती है। कोच संख्या एस-3 तीनों का रिजर्वेशन था। रात करीब तीन बजे पचदेवरा और भीरपुर के बीच नूतन देवी शोर मचाते हुए ट्रेन से नीचे कूदीं को कोच में हड़कंप मच गया।
उनकी बेटी व अन्य यात्रियों ने चेनपुलिंग का प्रयास किया लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। यात्रियों ने घटना की शिकायत 139 पर की। ट्रेन मिर्जापुर पहुंची तो नूतन की बेटी और बेटा वहां उतर गए और रेलवे हेल्प लाइन नंबर पर संपर्क कर मां की जानकारी मांगी। इधर, नूतन किसी तरह से मिर्जापुर राजमार्ग पर पहुंचीं। यहां से गुजर रहे यात्रियों की मदद से करछना थाने पहुंची। पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना आरपीएफ कंट्रोल को दी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सीएचसी करछना ले जाया गया। इस बीच पुलिस ने नूतन की उनके बच्चों से बात कराई।
सूचना पर आरपीएफ छिवकी सीएचसी पहुंची और घायल महिला को अपने साथ स्टेशन लेकर आई। कुछ देर में यहां उनकी बेटी व बेटा भी पहुंच गए। आरपीएफ थाने में महिला की शिकायत दर्ज कर सभी को अन्य ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए भिजवाया। पीड़िता ने बताया कि हैंडबैग में सोने का एक हार, अंगूठी, पायल, पांच हजार रुपये व मोबाइल फोन था। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके यादव ने बताया कि महिला का पर्स छीनकर एक युवक ट्रेन रुकने पर कूदकर भाग रहा था। इस पर महिला भी उसके पीछे गई और ट्रैक पर गिरने से उसे चोट आई है। उसकी शिकायत दर्ज कर ली गई है।
रफ्तार कम होने पर आए दिन होती है छिनैती
भीरपुर-पचदेवरा के बीच जहां घटना हुई, वहां अक्सर छिनैती होती है। पीड़ित नूतन की बातचीत से भी सामने आया कि वहां कुछ संदिग्ध लोग थे। ग्रामीणों ने भी कहा कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती हैं। दानापुर स्पेशल ट्रेन में सफर कर रही नूतन देवी ने बताया कि वह जब ट्रैक पर कूृदीं तो उचक्का उनके सामने भाग रहा था। उन्होंने पीछा किया लेकिन चोट अधिक लगने के कारण वह सफल नहीं हो सकीं। वह जिस रास्ते भागते हुए गांव की ओर गया था, उसी तरफ रेलवे की बाउंड्री के पास एक घर दिखा। वहां पहुंचीं तो एक महिला और चार लड़के मौजूद थे। उन्होंने मदद के लिए मोबाइल फोन मांगा। सभी ने कोई न कोई बहाना कर मोबाइल देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने आस-पास पुलिस चौकी व मुख्य मार्ग पर जाने का रास्ता पूछा। जैसे ही वह मिर्जापुर राजमार्ग पर पहुंचीं तो एक कार में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया लेकिन शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे राहगीरों के रुकने पर भाग गए। गांव वालों ने बताया कि इस स्थल पर ऐसी घटनाएं होती हैं। पीड़ित केवल शोर मचाकर रह जाते हैं। शिकायत न होने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
शादी में शामिल घर जा रहे थे सभी
नूतन की बेटी ने बताया कि बुधवार को उनके ताऊ के लड़के का तिलक है और एक मई को बरात। इसी में शामिल होने तीनों अपने घर वैशाली जा रहे हैं। मां सिलाई का काम करती हैं और पिता टाइल्स मिस्त्री हैं। पूरा परिवार दिल्ली में रहता है।