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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   With the inspiration of Ashok Singhal, Article 370 and 35A removed from Jammu and Kashmir

प्रयागराज : अशोक सिंघल की प्रेरणा से ही जम्मू और कश्मीर से हटा अनुच्छेद 370 और 35ए

Thu, 18 Nov 2021 12:12 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Nov 2021 12:12 AM IST
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With the inspiration of Ashok Singhal, Article 370 and 35A removed from Jammu and Kashmir
Prayagraj News : विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि देते कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह। - फोटो : प्रयागराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों ने विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल की प्रतिमा प्रयागराज के किसी चौराहे पर लगाए जाने की मांग की है। अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर हाईकोर्ट के लाइब्रेरी हॉल में एक बैठक का आयोजन कर उनको श्रद्धांजलि दी गई तथा मांग की गई की अशोक सिंघल राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता थे और उनके प्रयासों के फलस्वरूप ही आज राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।

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इसलिए उनकी प्रतिमा प्रयागराज में लगाई जानी चाहिए। बैठक की अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता व भाजपा कार्य परिषद के सदस्य मृत्युंजय तिवारी का कहना था कि अशोक सिंघल की प्रेरणा से ही धारा 370 और 35ए जम्मू और कश्मीर से हटाई गई है। वह प्रयागराज की शान थे और उन्होंने पूरे देश में हिंदुत्व की लड़ाई लड़ी। बैठक में यह संकल्प लिया गया अशोक सिंघल की प्रतिमा लगवाने के लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा और मुख्यमंत्री से इसकी मांग की जाएगी।
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 बैठक में नंदलाल पटेल, राजेश त्रिपाठी, अनिल पांडे, राजेंद्र पांडे,  एनसी त्रिपाठी, संजय मिश्र, विदुप अग्रहरी, नीरज दीक्षित, शैलेंद्र अवस्थी, उमाशंकर तिवारी ,दुर्गेश तिवारी, पतंजलि, राजकिशोर ,रामचंद्र ,पवन श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश अस्थाना, शिवम द्विवेदी, अमित दुबे, भरत निषाद, अनिल भट्ट, भानु मिश्रा आदि मौजूद थे। 

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तीर्थपुरोहितों ने कहा, अशोक सिंहल हमारे प्रेरणास्रोत
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासंघ एवं धर्म यात्रा महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को अशोक सिंहल की छठी पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर संगम क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के बीच प्रसाद वितरण के बाद प्रदेश महामंत्री अमित आलोक पांडे ने कहा, अशोक सिंहल हमारे प्रेरणास्रोत  हैं। उन्हीं के दिशानिर्देशों पर चलाए गए अभियान और आंदोलनों की वजह से ही आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है। वह आजीवन एक संत की तरह सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए मार्गदर्शन करते रहे। कार्यक्रम में जय बहादुर सिंह,  शेरसिंह शर्मा, सुरेंद्र यादव,श्यामबाबू पटेल, नरेंद्र पांडे,वीरेंद्र तिवारी, सुदामा तिवारी, राहुल निषाद आदि मौजूद थे।

देश के लोक जीवन में जो चुप्पी वही भारतीय जीवन

लोक जीवन में भारतीय चेतना में लोक को छोड़ दिया जाय तो हमने जो शहर गढ़े हैं, उनकी भारतीय चेतना विलुप्त हो गई है। लोक से भारत के तथाकथित प्रबुद्ध जन यही समझते हैं कि वह ग्रामीण, पिछड़ा है और उसको मुख्यधारा में लाना है। लेकिन सवाल ये हैं कि यह मुख्यधारा किसने तय की है। क्या अमेरिका, यूरोप ने यह मुख्यधारा तय की? बुधवार को यह बातें पद्म श्री सम्मान से सम्मानित डा. कपिल तिवारी से विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंहल की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में कही।

स्वर्गीय अशोक सिंहल के आवास महावीर भवन में स्थापित अरुंधती वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से ‘लोक जीवन में भारतीय चेतना’  विषयक व्याख्यान में डा. कपिल तिवारी ने कहा कि भारत के लोक जीवन में जो चुप्पी है वही भारतीय जीवन है। भारतीय जीवन की चुप्पी शांत तरीके से चेतना को जीवित किए है। आज की जो आधुनिकता  है वह औपनिवेशिक काल से विकसित हुई। भारत वास्तव में सनातन है। जिस क्षण हम अपनी परंपरा भूल गये समझ लो अपनी मां को भूल गये। परंपरा मां की तरह है।

उसी ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया। उंगली पकड़कर हमने ऐसी दौड़ लगाई और लौटकर नहीं देखा। मां कहां हैं, भाषा कहां हैं। लेकिन अब भारत की चेतना में सदियों बाद परिवर्तन हो रहा है। हम विदेशियों की नहीं बल्कि अपनी आंखों से परंपराओं को देखना शुरू कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने की।

इस दौरान अरुंधती पीठ के राष्ट्रीय संयोजक डा. चंद्र प्रकाश ने कहा कि स्वर्गीय सिंहल का जन्म भले ही आगरा में हुआ हो लेकिन प्रयागराज उनकी कर्मभूमि थी। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। इस अवसर पर देश के पूर्व अतिरिक्त महान्यायवादी अशोक मेहता, पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, डा. हरिवंश दीक्षित, प्रो. रामेंद्र सिंह, कृष्ण चंद्र, विमल प्रकाश, सुरेश अग्रवाल, मनीष गोयल, आशुतोष श्रीवास्तव, अजीत, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे। 

अशोक सिंहल का जीवन हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत

राम जन्मभूमि आंदोलन के नायकों में शुमार विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की पुण्यतिथि पर संगठन के प्रांत कार्यालय में उन्हें नमन किया गया। यहां सुंदरकांड के पाठ के बाद प्रसाद वितरण आदि का आयोजन हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र संगठन मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश गजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सिंहल का जीवन हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत है।

अशोक सिंहल की छठवीं पुण्यतिथि के मौके पर गजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के लिए हमेशा कार्य किया। केसर भवन में अशोक सिंहल के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने कहा कि वह श्री राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन, रामसेतु रक्षा आंदोलन, अमरनाथ यात्रा के आंदोलनों के प्रमुख रणनीतिकार रहे। उनका सिर्फ एक लक्ष्य था भारतवर्ष अपने परम वैभव को प्राप्त करे।

इस दौरान सांसद केशरी देवी पटेल ने भी केसर भवन आकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। यहां विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी, धर्माचार्य संपर्क प्रमुख आद्याशंकर, सुरेश अग्रवाल, सुनील सिंह, अमित पाठक, विनोद अग्रवाल, अश्वनी मिश्र आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर  विहिप के गोरक्षा विभाग के कीडगंज स्थित कार्यालय में भी सुंदरकांड का पाठ हुआ। यहां प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी, अमरनाथ तिवारी, अमित सिंह, नितिन भरद्वाज, संजय सिंह राणा आदि की मौजूदगी रही। 
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