संगम नगरी का नाम रोशन कर रहीं विकेटकीपर शिप्रा, यूपी की सीनियर टीम में हाल ही किया गया चयनित
संगम नगरी में क्रिकेट की नई-नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। इन्हीं प्रतिभाओं में से एक शिप्रा गिरि महिला क्रिकेट में प्रयागराज का नाम रोशन कर रही हैं। एक विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में क्लब क्रिकेट में नाम कमाने वाली शिप्रा गिरि को हाल ही में यूपी की सीनियर महिला टीम में शामिल किया गया है। फिलहाल वह यूपी सीनियर की टीम से जयपुर में चल रही सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल रहीं हैं।
मूलरूप से बलिया जिले की रहने वाली शिप्रा गिरि के पिता रामदुलारे गिरि पुलिस विभाग में प्रयागराज में तैनात हैं। शिप्रा को बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था। वह गांव में अपने भाई के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलती थीं। कुछ समय बाद भाई प्रयागराज आ गया। इसके बाद शिप्रा भी परिवार के साथ संगमनगरी शिफ्ट हो गईं। वर्ष 2015 में प्रयागराज आने के बाद शिप्रा ने पिता से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई। अब तलाश शुरू हुई महिला क्रिकेट अकादमी की। प्रयागराज में महिलाओं के लिए अगल से क्रिकेट की अकादमी कम हीं थीं।
इस पर परिवार वालों ने सोशल मीडिया पर अकादमी की तलाश शुरू की। फेसबुक पर महिलाओं के लिए चल रही काटजू क्रिकेट अकादमी के बारे में जानकारी मिली। परिजनों ने क्रिकेट कोच अजय सिंह यादव से संपर्क किया और शिप्रा का प्रशिक्षण शुरू हो गया। यहां कोच अजय सिंह यादव की देखरेख में शिप्रा की प्रतिभा निखरी। शिप्रा प्रात: तीन घंटे फिटनेस में और सायंकाल चार घंटे नेट पर पसीना बहाती हैं। आक्रामक सलामी बल्लेबाज शिप्रा गिरी काफी मुस्तैद विकेटकीपर के रूप में जानी जाती हैं। प्रयागराज में ऑल इंडिया टैलेंट सर्च क्रिकेट टूर्नामेंट में भी शिप्रा गिरि ने दो शतकीय पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 145 और 112 रन बनाए हैं
पहले ही मैच में जड़ा था शतक
शिप्रा ने अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान पहले ही मैच में शतक जड़कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। हालांकि बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में उसकी तकनीक में कुछ खामियां थीं। कोच अजय यादव ने धीरे-धीरे तकनीकी पर काम करना शुरू किया। कुछ समय बाद उसने अपनी बल्लेबाजी की तकनीकी बदली।
शिप्रा को 2016 में स्कूल गेम्स फेडरेशन की ओर से आगरा में आयोजित राष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला। टीम के साथ ही वह विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर शामिल हुईं। जब वह पहला मैच खेलने उतरीं तो काफी नर्वस थीं। उसके हाथ पैर कांप रहे थे। इस कारण वह मैच में अच्छा स्कोर नहीं कर सकी। सेमीफाइनल मैच में शिप्रा ने 48 रनों की तेज पारी खेली और टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। शिप्रा की कप्तानी में टीम टूर्नामेंट की चैंपियन बनी। शिप्रा ने 2017 में भी इंदौर में राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में पहले मैच में अर्द्धशतक जड़ दिया। दूसरे मैच में भी शिप्रा ने 55 रनों की पारी खेली। विकेट के पीछे भी वह कमाल करती रहीं। शिप्रा गिरी ने 2018 में पहली बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। 2019 में अंडर-23 और उसके बाद जेडसीए कैंप में भी चयनित हुईं। गत वर्ष उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी टीम को शिप्रा गिरी ने चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अब यूपी की सीनियर महिला टीम में चयनित
काटजू गर्ल्स क्रिकेट अकादमी की शिप्रा गिरि का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से जयपुर में 12 मार्च से चार अप्रैल तक आयोजित राष्ट्रीय एक दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर विकेटकीपर चयन हुआ है। यहां शिप्रा विकेट के पीछे कमाल दिखा रहीं हैं।