फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Why criminal history is not in public domain, why is it password protected: High Court

सार्वजनिक डोमेन में क्यों नहीं है आपराधिक इतिहास, पासवर्ड से सुरक्षित क्यों: हाईकोर्ट

Thu, 23 Dec 2021 11:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Dec 2021 11:49 PM IST
विज्ञापन
Why criminal history is not in public domain, why is it password protected: High Court
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं के शमसेर अली की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) से पूछा है कि अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड को पासवर्ड में क्यों सुरक्षित रखा जाए। हाईकोर्ट ने डीजीपी से कहा है कि अगर लोगों तक इसकी पहुंच न हो सके तो इसकी जगह पर और क्या उपचारी उपाय हो सकते हैं? कोर्ट ने मामले में डीजीपी को हलफनामे पर यह जानकारी देने को कहा है।
विज्ञापन



शमसेर की अपील पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश त्रिपाठी दो जजों की खंडपीठ कर रही है। मामले में याची ने अपनी जमानत अर्जी दाखिल की थी लेकिन उसने अपना आपराधिक इतिहास छुपा लिया। जबकि, उसका आपराधिक इतिहास है। सरकार की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे में बताया गया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
विज्ञापन



इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। पूछा कि कोर्ट के समक्ष पूर्ण तथ्य क्यों नहीं लाए गए? कोर्ट ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने वाले सबइंस्पेक्टर को अगली तिथि पर सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सब इंस्पेक्टर द्वारा गलत जानकारी देने पर पुलिस अधीक्षक बदायूं को इसकी जांच कर हलफनामे पर रिपोर्ट देने के साथ जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) और अपराध व आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) की वेबसाइट महाधिवक्ता, सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय तक उपलब्ध नहीं है। यह केवल जिला पुलिस की ही पहुंच में है।



इस पर कोर्ट ने कहा कि किसी नागरिक के आपराधिक इतिहास से संबंधित जानकारी सार्वजनिक डोमेन में क्यों नहीं है और यह पासवर्ड से सुरक्षित क्यों है?  पुलिस महानिदेशक मामले में हलफनामा दाखिल करें और बताएं कि इसे कैसे जनता की पहुंच तक बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed