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रेलवे में ब्लैक मनी को व्हाइट करने की मुहिम पर लगा ब्रेक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 12 Nov 2016 02:41 AM IST
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नोटबंदी ने बढ़ाई रेलवे की मुश्किल
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रेलवे में ब्लैक मनी को व्हाइट करने की मुहिम पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। 500 और 1000 के नोट पर रोक लगने के बाद बहुत से ऐसे लोग थे जो अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने के लिए ट्रेनों की फर्स्ट एसी आदि में लंबी दूरी का आरक्षण करवा रहे थे। ताकि बाद में इन महंगे टिकटों को निरस्त करवा दिया जाए और रेलवे को कैंसिलेशन चार्ज देने के बाद उन्हें कैश में पूरा रिफंड मिल जाए। रेलवे प्रशासन को यह जानकारी मिली तो बृहस्पतिवार को ही फरमान जारी कर दिया गया कि 09 से 11 नवंबर की अवधि के दौरान लंबी राशि के बुक हुए टिकट अगर निरस्त कराए जाते हैं तो उसका रिफंड कैश में नहीं मिलेगा।
रेलवे का फरमान जारी होते ही शुक्रवार को जंक्शन पर एकाएक रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का ग्राफ बुधवार, बृहस्पतिवार के मुकाबले तकरीबन 50 फीसदी कम हो गया। दरअसल बुधवार 09 नवंबर को एक व्यक्ति ने छह लोगों के एसी फर्स्ट श्रेणी का 83 हजार का टिकट जंक्शन से बुक कराया। बाद में उसी व्यक्ति द्वारा 50 हजार का टिकट सूबेदारगंज स्टेशन से भी बुक कराया। देश भर के तमाम स्टेशनों पर इस तरह के कई मामले सामने आने पर रेलवे बोर्ड स्तर पर निर्णय लिया गया कि 09 से 11 नवंबर की अवधि में बुक कराए गए दस हजार से अधिक मूल्य के टिकट अगर कोई निरस्त करवाता है उसका रिफंड कैश में नहीं बल्कि चेक के माध्यम दिया जाएगा।
इसी तरह 15 हजार से ज्यादा के रिफंड पर पैनकार्ड अनिवार्य रहेगा। यह फरमान आते ही शुक्रवार को इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, प्रयाग, सूबेदारगंज, नैनी स्थित रिजर्वेशन काउंटरों भीड़ कम हो गई। भीड़ कम होने से रिजर्वेशन काउंटरों पर तैनात रेलकर्मियों ने भी राहत भरी सांस ली। दरअसल बुधवार को इलाहाबाद जंक्शन पर 1745 तो बृहस्पतिवार को 1550 यात्रियों के रिजर्वेशन हुए। इसके मुकाबले शुक्रवार को एक हजार से भी कम टिकट बुक हुए।
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रेलवे का फरमान जारी होते ही शुक्रवार को जंक्शन पर एकाएक रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का ग्राफ बुधवार, बृहस्पतिवार के मुकाबले तकरीबन 50 फीसदी कम हो गया। दरअसल बुधवार 09 नवंबर को एक व्यक्ति ने छह लोगों के एसी फर्स्ट श्रेणी का 83 हजार का टिकट जंक्शन से बुक कराया। बाद में उसी व्यक्ति द्वारा 50 हजार का टिकट सूबेदारगंज स्टेशन से भी बुक कराया। देश भर के तमाम स्टेशनों पर इस तरह के कई मामले सामने आने पर रेलवे बोर्ड स्तर पर निर्णय लिया गया कि 09 से 11 नवंबर की अवधि में बुक कराए गए दस हजार से अधिक मूल्य के टिकट अगर कोई निरस्त करवाता है उसका रिफंड कैश में नहीं बल्कि चेक के माध्यम दिया जाएगा।
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इसी तरह 15 हजार से ज्यादा के रिफंड पर पैनकार्ड अनिवार्य रहेगा। यह फरमान आते ही शुक्रवार को इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, प्रयाग, सूबेदारगंज, नैनी स्थित रिजर्वेशन काउंटरों भीड़ कम हो गई। भीड़ कम होने से रिजर्वेशन काउंटरों पर तैनात रेलकर्मियों ने भी राहत भरी सांस ली। दरअसल बुधवार को इलाहाबाद जंक्शन पर 1745 तो बृहस्पतिवार को 1550 यात्रियों के रिजर्वेशन हुए। इसके मुकाबले शुक्रवार को एक हजार से भी कम टिकट बुक हुए।
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