यूपी: प्रयागराज से दौड़ते हुए मुख्यमंत्री से मिलने निकली काजल निषाद लखनऊ पहुंची
जिला प्रशासन की ओर से उसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। उसे कोई किट, प्राइज या नकद पुरस्कार भी नहीं दिया गया था। अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न होने से परेशान होकर काजल निषाद ने मुख्यमंत्री से शिकायत का फैसला किया था।
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प्रयागराज से दौड़ते हुए लखनऊ के लिए निकली नन्हीं धाविका काजल निषाद शुक्रवार को राजधानी पहुंच गई। अब वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी उपेक्षा की शिकायत करेगी। प्रयागराज में आयोजित होने वाली इंदिरा मैराथन में हिस्सा लेकर नौ वर्षीय काजल ने 42 किमी के इस मैराथन को 4.22 मिनट में पूरा किया था, जबकि कई बड़े-बड़े धावक भी दौड़ पूरी नहीं कर सके थे।
जिला प्रशासन की ओर से उसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। उसे कोई किट, प्राइज या नकद पुरस्कार भी नहीं दिया गया था। अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न होने से परेशान होकर काजल निषाद ने मुख्यमंत्री से शिकायत का फैसला किया था। इसके लिए उसने प्रयागराज से दौड़ते हुए लखनऊ जाने का निर्णय लिया। नन्हीं धाविका ने अपनी इस यात्रा को प्रयागराज टू लखनऊ अल्ट्रा मैराथन का नाम दिया।
तीन दिन पहले प्रयागराज से निकली थी दौड़ते हुए
तीन दिन पहले उसने सुभाष चौराहे से दौड़ शुरू की थी। शुक्रवार को वह लखनऊ पहुंच गई। हालांकि दौड़ शुरू होने के दूसरे दिन ही जिला प्रशासन ने उसकी मांगों को पूरा कर दिया था और इंदिर मैराथन में हिस्सा लेने के लिए मिलने वाला प्राइज, किट और 5100 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा कर दी थी।
जिला प्रशासन की घोषणा के बाद भी काजल निषाद ने दौड़ जारी रखा और वह लखनऊ पहुंच गई। बताया जाता है कि अब वह किसी कि शिकायत तो नहीं करेगी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सहयोग की मांग जरूर करेगी।