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फैसला स्वागत योग्य, पर प्रक्रिया गलत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 12 Nov 2016 02:41 AM IST
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राज बब्बर यूपी कांग्रेस के नए अध्यक्ष
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कालेधन पर नियंत्रण के लिए पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद किए जाने के फैसले का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने स्वागत किया है लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया को गलत बताते देते हुए जनविरोधी करार दिया है। शुक्रवार को इलाहाबाद में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए राज बब्बर ने पांच सौ-एक हजार रुपये के नोट बंद किए जाने के ढेरों नुकसान गिना डाले। भाजपा पर जमकर निशाना साधा लेकिन जब सपा से गठबंधन के मसले पर सवाल पूछा गया तो चुप्पी साध ली।
सपा और बसपा प्रमुख की ओर से दिए गए बयानों पर राज बब्बर बोले कि किसी को इस फैसले पर एतराज नहीं होना चाहिए लेकिन यह कहने से भी नहीं चूके कि इससे सिर्फ आम जनता परेशान हो रही है। उन बच्चों का क्या कसूर जो दूध के लिए तरस गए, उस मरीज का क्या कसूर, जिसे पांच सौ-एक हजार की नोट रखने के बावजूद दवाएं और इलाज नहीं मिला। कई मरीजों की मौत हो गई। पूरा देश त्राहि-त्राहि कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को इसके लिए रास्ता निकालने की नसीहत दी। चुनाव पूर्व गठबंधन के मसले पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का बयान आने पर उन्होंने कहा कि इस पर कुछ नहीं बोलना है। प्रशांत किशोर एवं सपा नेताओं के बीच मुलाकात के मसले पर भी सवाल टाल गए और कहा कि इस पर गुलाम नबी आजाद अपना बयान दे चुके हैं।
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सपा और बसपा प्रमुख की ओर से दिए गए बयानों पर राज बब्बर बोले कि किसी को इस फैसले पर एतराज नहीं होना चाहिए लेकिन यह कहने से भी नहीं चूके कि इससे सिर्फ आम जनता परेशान हो रही है। उन बच्चों का क्या कसूर जो दूध के लिए तरस गए, उस मरीज का क्या कसूर, जिसे पांच सौ-एक हजार की नोट रखने के बावजूद दवाएं और इलाज नहीं मिला। कई मरीजों की मौत हो गई। पूरा देश त्राहि-त्राहि कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को इसके लिए रास्ता निकालने की नसीहत दी। चुनाव पूर्व गठबंधन के मसले पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का बयान आने पर उन्होंने कहा कि इस पर कुछ नहीं बोलना है। प्रशांत किशोर एवं सपा नेताओं के बीच मुलाकात के मसले पर भी सवाल टाल गए और कहा कि इस पर गुलाम नबी आजाद अपना बयान दे चुके हैं।
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