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यहां क्लिक कर खोजिए कहां हैं आपके परिजन
महाकुंभ नगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2013 01:59 PM IST
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कुंभ में तमाम मोर्चों पर विफल रहे मेला प्रशासन के लिए उपलब्धि वाली बात यह रही कि दस हजार से ज्यादा भूले-भटकों के नाम, पते और फोटो सरकारी वेबसाइट पर ऑनलाइन कर दिए गए। प्रशासन की इस पहल के कारण देश भर से कुंभ में आए लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। दूर बैठे रिश्तेदार भी वेबसाइट पर सर्च कर अपनी नजदीकियों को खोज निकालेंगे। इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिनके रिश्तेदार कई दिनों से गायब हैं।
kumbhmelaallahabad.gov.in नाम की वेबसाइट पर जाकर ‘लॉस्ट ऐंड फाउंड’ पर क्लिक करते ही भूले-भटकों की पूरी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जा रही है। इसमें 10 हजार से ज्यादा भूले-भटकों के बारे में जानकारी दी गई है। वेबसाइट मेला प्रशासन की है लेकिन अन्य शिविरों में पहुंच रहे भूले-भटकों की जानकारी भी इसमें मिल जाएगी। हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्हें अपने रिश्तेदार नहीं मिले।
लाउडस्पीकर से कई बार घोषणा कराने के बावजूद भूले-भटकों को कोई पता नहीं चला। एक-एक हफ्ते से लोग गायब हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। ऐसे लोगों को ढूंढ़ने में यह वेबसाइट काफी मददगार साबित होगी। रिश्तेदार दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हों, कम से कम वेबसाइट पर अपने रिश्तेदारों को पहचान लेंगे और उन तक आराम से पहुंच सकेंगे।
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कोई लेने नहीं आया तो घर पहुंचाएगा प्रशासन
भूले-भटकों को मेला प्रशासन ने सेक्टर कार्यालय में ठहराया है। सैकड़ों महिलाओं और बच्चों को सिर छिपाने की जगह तो मिल गई लेकिन उनके रिश्तेदार अब तक उन्हें लेने नहीं पहुंचे। अगर तीन-चार दिनों तक कोई नहीं आया तो मेला प्रशासन अपने खर्च पर इन भूले-भटकों को उनके घरों तक पहुंचाने का काम करेगा।
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kumbhmelaallahabad.gov.in नाम की वेबसाइट पर जाकर ‘लॉस्ट ऐंड फाउंड’ पर क्लिक करते ही भूले-भटकों की पूरी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जा रही है। इसमें 10 हजार से ज्यादा भूले-भटकों के बारे में जानकारी दी गई है। वेबसाइट मेला प्रशासन की है लेकिन अन्य शिविरों में पहुंच रहे भूले-भटकों की जानकारी भी इसमें मिल जाएगी। हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्हें अपने रिश्तेदार नहीं मिले।
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लाउडस्पीकर से कई बार घोषणा कराने के बावजूद भूले-भटकों को कोई पता नहीं चला। एक-एक हफ्ते से लोग गायब हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। ऐसे लोगों को ढूंढ़ने में यह वेबसाइट काफी मददगार साबित होगी। रिश्तेदार दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हों, कम से कम वेबसाइट पर अपने रिश्तेदारों को पहचान लेंगे और उन तक आराम से पहुंच सकेंगे।
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कोई लेने नहीं आया तो घर पहुंचाएगा प्रशासन
भूले-भटकों को मेला प्रशासन ने सेक्टर कार्यालय में ठहराया है। सैकड़ों महिलाओं और बच्चों को सिर छिपाने की जगह तो मिल गई लेकिन उनके रिश्तेदार अब तक उन्हें लेने नहीं पहुंचे। अगर तीन-चार दिनों तक कोई नहीं आया तो मेला प्रशासन अपने खर्च पर इन भूले-भटकों को उनके घरों तक पहुंचाने का काम करेगा।