{"_id":"68d06354a02af46315070667","slug":"water-shortage-increased-problems-in-bakhar-primary-school-allahabad-news-c-407-1-mn11001-7443-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: बखार प्राइमरी स्कूल में पानी की किल्लत ने बढ़ाई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: बखार प्राइमरी स्कूल में पानी की किल्लत ने बढ़ाई परेशानी
विज्ञापन
मांडा ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय बखार में पेयजल और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं नहीं होने से छात्रों-शिक्षकों को परेशान होना पड़ता है। स्कूल में चहारदीवारी न होने से कोई भी विद्यालय में आसानी से आ जा सकता है। वहीं, पानी के लिए सबमर्सिबल पंप लगा था जिसे प्रधान ने रीबोर कराने के नाम पर निकाल दिया। महीनों बीत गए लेकिन न तो रीबोर कराया गया और न ही सबमर्सिबल लगाया गया।
बच्चों को पीने तक के पानी के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। विद्यालय के शिक्षक बृजेश द्विवेदी ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत तो करा दी गई है लेकिन इससे बच्चों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। सबमर्सिबल के अभाव में वॉशरूम तक जलापूर्ति नहीं पहुंच रही।
गांव के अखिलेश मिश्र ने भी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद बच्चों को न पीने का पानी मिल रहा है, न ही सुरक्षित माहौल। छुट्टा मवेशी अक्सर स्कूल में घुस आते हैं और कक्षाओं में गंदगी फैला देते हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग केवल कागजों पर स्कूलों को सुविधायुक्त बताता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। मामले में बीईओ मांडा नीलम शाक्यवार ने कहा कि चहारदीवारी निर्माण व जलापूर्ति सही कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों को पीने तक के पानी के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। विद्यालय के शिक्षक बृजेश द्विवेदी ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत तो करा दी गई है लेकिन इससे बच्चों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। सबमर्सिबल के अभाव में वॉशरूम तक जलापूर्ति नहीं पहुंच रही।
विज्ञापन
गांव के अखिलेश मिश्र ने भी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद बच्चों को न पीने का पानी मिल रहा है, न ही सुरक्षित माहौल। छुट्टा मवेशी अक्सर स्कूल में घुस आते हैं और कक्षाओं में गंदगी फैला देते हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिक्षा विभाग केवल कागजों पर स्कूलों को सुविधायुक्त बताता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। मामले में बीईओ मांडा नीलम शाक्यवार ने कहा कि चहारदीवारी निर्माण व जलापूर्ति सही कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन