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शंकरगढ़ में जल संकट : टैंकर आए या एक किलोमीटर दूर जाएं, पानी के लिए रोज होते हैं झगड़े

Sat, 30 May 2026 05:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 May 2026 05:56 PM IST
सार

शंकरगढ़ में सिलिका सैंड तो चमकती है पर गर्मी में लोगों के चेहरे सूख जाते हैं। क्योंकि साल भर पानी का संकट रहता है। अप्रैल से जून तक ज्यादा भारी होता है। कोल बिरादरी की बस्ती आराजी गढ़वा में इन दिनों टैंकर एक बड़ा सहारा हैं, जिससे पानी भरने के लिए रोज झगड़े होते हैं।

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Water crisis in Shankargarh: Whether the tanker arrives or goes kilometer away, fights over water occur daily
शंकरगढ़ के आराजी गढ़वा गांव में टैंकर से पानी के लिए कतार में खड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शंकरगढ़ में सिलिका सैंड तो चमकती है पर गर्मी में लोगों के चेहरे सूख जाते हैं। क्योंकि साल भर पानी का संकट रहता है। अप्रैल से जून तक ज्यादा भारी होता है। कोल बिरादरी की बस्ती आराजी गढ़वा में इन दिनों टैंकर एक बड़ा सहारा हैं, जिससे पानी भरने के लिए रोज झगड़े होते हैं।

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बारा तहसील से लगभग 12 किमी दूर शिवराज चौराहे से प्रतापपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर ग्राम पंचायत गाढ़ा कटरा है। यहां की 150 घरों की कोल बस्ती में इन दिनों पानी की रही-सही व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई है। टैंकर आते ही लोग डिब्बा लेकर भागते हैं। धक्का-मुक्की के बाद झगड़े शुरू हो जाते हैं।
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करीब 100 साल पुरानी इस बस्ती के ज्यादातर निवासी सिलिका सैंड के वाशिंग प्लांट में काम करते है, कुछ खेत मजदूर हैं। गांव के छोटकू ने बताया कि इस साल ज्यादा संकट है, जो पंद्रह दिनों से गहरा गया है। आशा देवी कहती हैं कि एक टंकी थी, जो टूट गई है। एक किमी दूर जाकर दूसरे स्थान से कई बार पानी लाना पड़ता है, कमर टूट जाती है। रोज लड़ाई होती है। ऐसे ही किस्से गांव के परदेशी व अन्य ने सुनाए।

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प्यास बुझाने के लिए दूसरी जगह बिताते हैं रात

पानी की किल्लत की वजह से यहां के लोग जल प्रबंधन में ज्यादा माहिर हो गए हैं। लेकिन कभी-कभी दिक्कत हो जाती है। आशा देवी ने बताया कि अक्सर जब रात में पानी खत्म हो जाता है तो वे लोग जिस प्लांट में काम करते हैं, वहीं रात बिताने चले जाते हैं। वहां पानी की दिक्कत नहीं होती।

लोगों का पानी पी जाते हैं वाशिंग प्लांट

गाढ़ा कटरा के ग्राम प्रधान कामता सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत व आसपास सिलिका सैंड की सफाई के लिए कई वाशिंग प्लांट लगे हैं, जिससे जल दोहन अधिक होता है। यदि गर्मी में इसे रोक दिया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

गाढ़ा कटरा- एक नजर
गाढ़ा कटरा ग्राम पंचायत की आबादी करीब 5000
पानी के लिए 12 हैंडपंप, सोलर पंप, निजी-सरकारी बोर
गर्मी में वाटर लेवल 150 फीट के नीचे चला जाता है
इस समय सभी हैंड जल स्तर नीचे होने के कारण बंद

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