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वीडियो वायरल, पुलिस के ‘पटाखे’ का सच उजागर
Fri, 01 Feb 2019 12:53 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Feb 2019 12:53 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को वायरल हुए दो वीडियो ने पुलिस का झूठ सामने ला दिया है। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि 26 जनवरी को निकले बाइक जुलूस में शामिल युवकों ने ट्रैफिक नियमों का तो उल्लंघन किया ही, हवाई फायरिंग भी की थी। खास बात यह कि सिविल लाइंस थाने से 100 मीटर की दूरी पर युवक गोलियां दागकर निकल गए और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
26 जनवरी को शहर में कई जगहों पर बाइक जुलूस निकाला गया था। इसमें बड़ी संख्या में युवक शामिल थे। कई इलाकों में शिकायत मिली थी कि जुलूस में शामिल मोटरसाइकिल सवार युवक फायरिंग व बमबाजी भी कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस अफसरों का यही कहना था कि फायरिंग-बमबाजी की बात गलत है। कुछ बाइकों से पटाखे चलने जैसी आवाज निकल रही थी। गलतफहमी में लोगों ने इसी को बम-फायरिंग समझ लिया। हालांकि, बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो से पुलिस का झूठ सामने आ गया। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि युवकों ने ट्रैफिक नियमों का तो उल्लंघन किया ही, सरेआम फायरिंग भी की।
59 सेकंड का एक वीडियो तब का है, जब जुलूस सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरिजाघर से होकर गुजर रहा था। इसमें दिख रहा है कि जुलूस में शामिल तीन युवक एक बुलेट पर सवार थे। इसमें से बुलेट चलाने व सबसे पीछे बैठे युवक का चेहरा खुल हुआ था, जबकि बीच में बैठे पीली शर्ट पहने युवक ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। जुलूस जैसे ही पत्थर गिरिजाघर के पास से गुजरता है, सबसे पीछे बैठा युवक हाथ में असलहा लहराने लगता है और अगले ही पल हवा में फायर झोंक देता है। इसके बाद चलती बुलेट पर ही तमंचा बीच में बैठे अपने नकाबपोश साथी को थमा देता है, जो कुछ ही देर बाद हवा में एक और गोली दागता है। उधर, वायरल हुआ दूसरा वीडिया मुट्ठीगंज के गऊघाट चौराहे का है, जहां जुलूस में शामिल युवक बाइक पर खुलेआम स्टंट करते दिख रहे हैं।
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इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि जुलूस में शामिल बाइकर्स शहर भर में घूम घूमकर हंगामा करते रहे और आखिर कैसे पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। सिविल लाइंस में एजी ऑफिस के पास भी फायरिंग की आवाज सुनी गई थी। उधर, खुल्दाबाद में भी पुलिस को ऐसी ही शिकायत मिली थी। सवाल यह है कि 26 जनवरी को हाई अलर्ट के बावजूद कैसे सड़कों पर खुलेआम फायरिंग होती रही और पुलिस बेखबर होकर सोती रही।
26 जनवरी पर निकाले गए बाइक जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के भाई असलम शेरवानी के सिविल लाइंस में सरोजनी नायडू मार्ग स्थित घर में बम भी फेंका था। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने शेरवानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस यही कहती रही थी कि युवकों ने पटाखा बजाया था।
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26 जनवरी को शहर में कई जगहों पर बाइक जुलूस निकाला गया था। इसमें बड़ी संख्या में युवक शामिल थे। कई इलाकों में शिकायत मिली थी कि जुलूस में शामिल मोटरसाइकिल सवार युवक फायरिंग व बमबाजी भी कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस अफसरों का यही कहना था कि फायरिंग-बमबाजी की बात गलत है। कुछ बाइकों से पटाखे चलने जैसी आवाज निकल रही थी। गलतफहमी में लोगों ने इसी को बम-फायरिंग समझ लिया। हालांकि, बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो से पुलिस का झूठ सामने आ गया। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि युवकों ने ट्रैफिक नियमों का तो उल्लंघन किया ही, सरेआम फायरिंग भी की।
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59 सेकंड का एक वीडियो तब का है, जब जुलूस सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरिजाघर से होकर गुजर रहा था। इसमें दिख रहा है कि जुलूस में शामिल तीन युवक एक बुलेट पर सवार थे। इसमें से बुलेट चलाने व सबसे पीछे बैठे युवक का चेहरा खुल हुआ था, जबकि बीच में बैठे पीली शर्ट पहने युवक ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। जुलूस जैसे ही पत्थर गिरिजाघर के पास से गुजरता है, सबसे पीछे बैठा युवक हाथ में असलहा लहराने लगता है और अगले ही पल हवा में फायर झोंक देता है। इसके बाद चलती बुलेट पर ही तमंचा बीच में बैठे अपने नकाबपोश साथी को थमा देता है, जो कुछ ही देर बाद हवा में एक और गोली दागता है। उधर, वायरल हुआ दूसरा वीडिया मुट्ठीगंज के गऊघाट चौराहे का है, जहां जुलूस में शामिल युवक बाइक पर खुलेआम स्टंट करते दिख रहे हैं।
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इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि जुलूस में शामिल बाइकर्स शहर भर में घूम घूमकर हंगामा करते रहे और आखिर कैसे पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। सिविल लाइंस में एजी ऑफिस के पास भी फायरिंग की आवाज सुनी गई थी। उधर, खुल्दाबाद में भी पुलिस को ऐसी ही शिकायत मिली थी। सवाल यह है कि 26 जनवरी को हाई अलर्ट के बावजूद कैसे सड़कों पर खुलेआम फायरिंग होती रही और पुलिस बेखबर होकर सोती रही।
26 जनवरी पर निकाले गए बाइक जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के भाई असलम शेरवानी के सिविल लाइंस में सरोजनी नायडू मार्ग स्थित घर में बम भी फेंका था। इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने शेरवानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर की तहरीर पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस यही कहती रही थी कि युवकों ने पटाखा बजाया था।