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सदभाव की भूमि तैयार करने में जुटी विहिप

Mon, 04 Nov 2019 01:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 01:09 AM IST
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VHP engaged in conveying the message of social harmony
सामाजिक सद्भाव का संदेश देने में जुटी विहिप
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राममंदिर पर कोर्ट का फैसला आने से पहले प्रयागराज पहुंचे चंपत राय
विहिप के केसर भवन में की बैठक, संघ पदाधिकारियों से की मुलाकात
प्रयागराज। अयोध्या में राममंदिर पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विहिप ने भी कवायद शुरू कर दी है। इसकी कमान विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने संभाल रखी है। रविवार की सुबह चंपत राय अचानक प्रयागराज पहुंचे। यहां विहिप के प्रांतीय कार्यालय में उन्होंने प्रमुख पदाधिकारियों के साथ लंबी वार्ता की।
विहिप के तमाम पदाधिकारी यह मानकर चल रहे हैं कि 17 नवंबर से पहले राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ जाएगा। इतना ही नहीं फैसला अपने पक्ष में आने को लेकर भी विहिप पदाधिकारी आशान्वित हैं। हालांकि संघ की तरह विहिप नेता भी इस फैसले पर सभी से तटस्थ रहने का आह्वान कर रहे हैं। इसी संबंध में चंपत राय ने रविवार को केसर भवन में क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश, काशी प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार के साथ अवध, गोरक्ष और कानपुर प्रांत के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बैठक में चंपत राय ने कहा कि फैसला जो भी आए, उसे हार जीत की बजाय खुले मन से स्वीकार किया जाए। फैसला चाहे पक्ष में आए या फिर विरोध में, इसमें जश्न या विरोध किसी को नहीं जताना है। सोशल मीडिया पर भी गैर जरूरी टिप्पणी करने से मना किया गया। विहिप पदाधिकारियों के बाद चंपत राय ने संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। इस बारे में क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश ने कहा कि चंपत राय अमूमन प्रयागराज आते रहते हैं। उनका प्रयागराज से गहरा नाता है। अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि सब कुछ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है। सभी देश वासियों की इच्छा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो।
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केसर भवन से ही हुए हैं अयोध्या आंदोलन के अहम फैसले
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़ी तमाम यादें आज भी प्रयागराज के जेहन में ताजा हैं। अपने जीवन काल में रामजन्म भूमि आंदोलन समेत तमाम महत्वपूर्ण निर्णय उन्होंने प्रयागराज के केसर भवन में ही लिये। सिंघल की वजह से ही राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान प्रयागराज एक बड़ा केंद्र बिंदु बनकर उभरा। उस समय भी केसर भवन में चंपत राय इस आंदोलन की रणनीति सिंघल के साथ बनाते थे। तब से अब तक केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय जब भी प्रयागराज आते हैं, वह केसर भवन में ही रुकते हैं।
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