Prayagraj News: विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए 45 गांवों का सत्यापन पूरा, यूपीसीडा को भेजी गईं फाइलें
उत्तर प्रदेश व चार अन्य राज्यों के लिए विंंध्य एक्सप्रेसवे संजीवनी साबित होगा। सोनभद्र तक बनने वाले एक्सप्रेसवे से प्रयागराज में 84 गांव प्रभावित होंगे, जिनमें से 45 में जमीन का सत्यापन कर संबंधित फाइलें कार्यदायी संस्था यूपीसीडा को भेज दी गईं हैं।
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उत्तर प्रदेश व चार अन्य राज्यों के लिए विंंध्य एक्सप्रेसवे संजीवनी साबित होगा। सोनभद्र तक बनने वाले एक्सप्रेसवे से प्रयागराज में 84 गांव प्रभावित होंगे, जिनमें से 45 में जमीन का सत्यापन कर संबंधित फाइलें कार्यदायी संस्था यूपीसीडा को भेज दी गईं हैं।
विंध्य एक्सप्रेसवे को लेकर काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज से भदोही, मिर्जापुर होते सोनभद्र तक 333 किमी दूरी वाला यह एक्सप्रेसवे सड़क परिवहन के लिए संजीवनी साबित होगा। प्रयागराज से सोनभद्र के लिए सीमित रेल सेवा है,जबकि सोनभद्र की सीमाएं चार राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड से मिलती हैं।
प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद से विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने के बाद तीन साल में इसका निर्माण पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक्सप्रेसवे का निर्माण तभी शुरू होगा, जब इससे प्रभावित गांवों में बैनामे की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रयागराज की तीन तहसीलों सोरांव, हंडिया व फूलपुर के 84 गांव प्रभावित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की ओर से पहले चरण में 45 गांवों की फाइल भूमि सत्यापन के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास भेजी गई थी, जिसमें सोरांव के 15, फूलपुर के 18 व हंडिया के 12 गांव शामिल थे।
- योगेश गोयल, महानगर अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

राजीव नायर

राजीव नायर
सत्यापन के दौरान सोरांव के 14, फूलपुर के 16 व हंडिया के 11 गांवों में खतौनी व काश्तकारों के नाम में त्रुटियां पाई गईं, जिन्हें संशोधित कर दिया गया है। संशोधित के बाद सभी 45 गांवों के सत्यापन से संबंधित फाइलें यूपीसीडा को वापस भेज दी गई हैं। दूसरे चरण में यूपीसीडी की ओर से 33 अन्य गांवों की फाइल विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय को भेजी गई हैं, जिनका सत्यापन चल रहा है।
इसके बाद छह अन्य गांवों की फाइलें भी यूपीसीडा की ओर से भेजी जाएंगी। संशोधन आदि के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर काश्तकारों की जमीन के बैनामे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बैनामा पूरा होने के बाद विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में चार से पांच माह का वक्त लग सकता है।
इंडस्ट्री को बहुत फायदा होगा। इससे अन्य राज्यों में सामान की आवाजाही तेज होगी। किसी भी देश की तरक्की के लिए उसकी आधारभूत संरचना होनी चाहिए। निश्चित रूप से इससे प्रयागराज के उद्योगों को आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलने जा रहा है।
सरकार के इस फैसले का स्वागत है। विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से छत्तीसगढ़, झारखंड आदि राज्यों से आने वाला सामान कम समय में यहां पहुंचेंगे। इससे प्रयागराज के कारोबार को फायदा होगा। हालांकि, सरकार से गुजारिश है कि टोल की दरें कम की जाएं। -राजीव नायर, अध्यक्ष, नैनी इंडस्टि्रयल एसोसिएशन
विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से प्रयागराज का सफर छोटा हो जाएगा। रीवा रोड पर भी दबाव कम हो जाएगा। एक्सप्रेसवे बनने से पर्यटकों के भी समय में भी बचत होगी। होटल इंडस्ट्री को इससे विशेष फायदा होगा। -सुशील खरबंदा, अध्यक्ष, प्रयागराज ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन