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हॉस्टलों को अपराधिक गतिविधियों से मुक्त रखने की कार्ययोजना बनाएं कुलपति
Thu, 25 Apr 2019 01:20 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Apr 2019 01:20 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर एवं हॉस्टलों को अपराधिक गतिविधियों से मुक्त रखने को योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कुलपति जिला प्रशासन के साथ बैठक कर योजना तैयार करें ताकि भविष्य में विश्वविद्यालय परिसर और उसके हॉस्टलों में अपराधियों का प्रवेश न होने पाए। कोर्ट ने पिछले अनुभवों के आधार पर छात्रसंघ चुनाव में आचार संहिता को कड़ाई से लागू करने का भी निर्देश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल एवं न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ ने पीसीबी हॉस्टल में रोहित शुक्ल की हत्या के बाद कायम जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि हॉस्टलों में छापेमारी के दौरान असलहे बरामद हुए। कुछ छात्रों की असामजिक तत्वों से मिलीभगत ने विश्वविद्यालय के लिए समस्या खड़ी कर दी। ऐसे लोगों ने विश्वविद्यालय का शैक्षिक वातावरण बर्बाद कर रखा है। ऐसे में समाज विरोधी आपराधिक तत्वों को परिसर से बाहर रखने की योजना तैयार की जानी चाहिए। कोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव के संबंध में केरल विश्वविद्यालय केस में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। कहा, इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने जुलूस निकालने, पोस्टर बैनर एवं होर्डिंग लगाने, परिसर या बाहर पब्लिक मीटिंग करने, विश्वविद्यालय की सम्पत्ति नष्ट करने, वाहन, स्पीकर, जानवर आदि से प्रचार करने पर रोक लगाई है। सर्वोच्च न्यायालय ने केवल हैंडमेड पोस्टर, हैंडबिल और मिलकर प्रचार करने की ही छूट दी लेकिन चुनाव में इन शर्तों को दरकिनार कर दिया जाता है। कोर्ट ने कुलपति को छात्रसंघ चुनाव के दौरान इस गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।
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