यूपी कैबिनेट मंत्री नंदी पर चलेगा दलित उत्पीड़न का मुकदमा, कोर्ट ने खारिज की केस वापसी की अर्जी
प्रयागराज स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए से उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी को झटका लगा है। कोर्ट ने नंदी सहित चार लोगों के खिलाफ लंबित जानलेवा हमले और दलित उत्पीड़न के मुकदमे को वापस लेने की प्रदेश सरकार की अर्जी खारिज कर दी है।
कोर्ट ने कहा है कि यह ऐसा मामला नहीं है जिसको वापस लिए जाने की अनुमति दी जाए। यह कहना सही नहीं है कि ऐसा करने से न्याय का उद्देश्य पूरा होगा। कोर्ट ने प्रकरण में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए जाने के लिए 18 मार्च की तारीख नियत की है।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए के जज डॉ. बालमुकुंद ने अभियोजन की ओर से दी गई मुकदमा वापसी की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसचिव अरुण कुमार राय ने जिलाधिकारी को मुकदमा वापस लिए जाने का निर्देश दिया था। इस पर डीएम के निर्देश पर अभियोजन ने वाद वापसी की अर्जी स्पेशल कोर्ट में दी।
सरकार की ओर से एसपीओ राधाकृष्ण मिश्रा ने कहा कि मुकदमा वापस लिए जाने से लोकहित पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह जनहित, न्यायहित और सद्भावपूर्ण निर्णय होगा। अभियोजन का यह भी तर्क था कि अभियुक्तगण कोई अपराधी नहीं है, वह राजनैतिक व्यक्ति है।
और सरकारी संपत्ति की क्षति नहीं हुई है। बल्कि मुकदमा चलने से पक्षकारों में कटुता होगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मुकदमा वादी सरकारी सेवक नहीं है। जानलेवा हमले के अपराध में आजीवन कारावास तक की सजा है और दलित उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं।
क्या है मामला
घटना तीन अप्रैल 2014 की मुट्ठीगंज की है। वादी वेंकटरमन शुक्ल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात आठ बजकर 30 मिनट पर सपा सांसद रेवतीरमण सिंह की चुनावी सभा के लिए मुटठीगंज से रामभवन समर्थकों के साथ जा रहे थे। जैसे ही काग्रेंस प्रत्याशी नंदी के कार्यालय के सामने पहुंचे थे कि नंदी समर्थकों ने सपा समर्थकों पर जानलेवा हमला बोल दिया।
जान से मारने की नियत से फायरिंग की थी। आरोप है कि नंदी ने मारने के लिए ललकारा था और सपा के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जीतराज और जीतेंद्र हेला को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कालर पकड़ कर घसीटा था। प्रकरण में पुलिस ने नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कमल कुमार उर्फ लाला,नीरज गुप्ता और निजामउददीन के खिलाफ आरोप पत्र भेजा था। प्रकरण की सुनवाई स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए कर रही है।