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Prayagraj : टीबी का पता लगाने में पेशाब की जांच भी कारगर, जनवरी 2025 में मेडिकल जरनल में प्रकाशित

Wed, 29 Oct 2025 03:47 PM IST
विनोद सिंह पुनीत त्रिपाठी, प्रयागराज
पुनीत त्रिपाठी, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 29 Oct 2025 03:47 PM IST
सार

टीबी जैसी बीमारी का पेशाब की जांच से भी पता लगाया जा सकता है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के टीबी चेस्ट विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. आलोक चंद्रा व डॉ. बाल कृष्ण कुशवाहा के अध्ययन में यह बात सामने आई है। 100 मरीजों की पेशाब की जांच में 52 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई।

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Urine test is also effective in detecting TB, published in medical journal in January 2025
टीबी रोग। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

टीबी जैसी बीमारी का पेशाब की जांच से भी पता लगाया जा सकता है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के टीबी चेस्ट विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. आलोक चंद्रा व डॉ. बाल कृष्ण कुशवाहा के अध्ययन में यह बात सामने आई है। 100 मरीजों की पेशाब की जांच में 52 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई।

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अध्ययन कर्ताओं ने खांसी, खांसते समय खून या बलगम आना, सीने में दर्द, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना और थकान महसूस होने जैसे टीबी के लक्षण वाले 18 से 60 वर्ष की उम्र के 100 मरीजों की छाती के एक्सरे, बलगम की जांच, सीबी नेट और जीन एक्सपर्ट का सहारा लिया । इसके अलावा कल्चर की जांच कराई। इनमें 52 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। इसके बाद इन सभी 52 मरीजों की पेशाब की जांच की गई। पेशाब में मौजूद न्यू ऑक्ट्रियन सामान्य से तीन व पांच गुना अधिक पाया गया। इससे इस बात की पुष्टि हुई कि अगर संक्रमित व्यक्ति की पेशाब की जांच की जाए तो सभी प्रकार की टीबी का पता चल सकता है।
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बीमारी की पुष्टि होते ही उपचार शुरू कर दिया गया। छह महीने बाद पेशाब में न्यू ऑक्ट्रियन सामान्य की तरफ बढ़ता नजर आया। यह अध्ययन दिसंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक चला और जनवरी 2025 में जरनल ऑफ पॉपुलेशन, थेराप्यूटिक्स एंड क्लीनिकल फार्मोकोलॉजी में प्रकाशित हुआ।
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फेफड़ों के अलावा कहां-कहां होती है टीबी

टीबी (तपेदिक) फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य अंगों में भी हो सकती है। जैसे- गुर्दे, मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, लिम्फ नोड्स, पेट (आंत), जननांग, हड्डियां और त्वचा। यह रोग मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है लेकिन बैक्टीरिया शरीर के अन्य हिस्सों में फैलकर दूसरे अंगों को भी संक्रमित कर सकता है।


टीबी के मरीजों की सामान्य जांच से कई बार फेफड़ों के अलावा अन्य अंगों की टीबी का पता नहीं चल पाता है। इससे मरीज के उपचार में देरी होती है और टीबी गंभीर रूप ले लेती है। अन्य जांचों के साथ अगर पेशाब की जांच भी हो जाए तो अन्य अंगों की टीबी का पता भी चल सकता है। इससे मरीज के उपचार में सहायता मिलती है। - डॉ.आलोक चंद्रा, पूर्व प्रोफेसर, टीबी चेस्ट विभाग, एमएलएन मेडिकल कॉलेज


 
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