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आयोग अध्यक्ष के मामले में सुनवाई पूरी, आज आएगा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 13 Oct 2015 11:43 PM IST
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लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार यादव की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सभी पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अदालत ने अपना निर्णय लिखाना भी शुरू कर दिया है। समयाभाव के कारण आज पूरा निर्णय नहीं लिखाया जा सका। बुधवार को इस मामले पर फैसला आने की उम्मीद है। आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति को प्रतियोगी छात्रों के अलावा कई पूर्व आईआईएस और आईपीएस अधिकारियों ने भी चुनौती दी है। याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचीगण का पक्ष अधिवक्ता सतीश चतुर्वेदी और ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव ने रखा।
याचीगण की दलील थी कि अनिल यादव की नियुक्ति बिना किसी प्रक्रिया को अपनाए कर दी गई है। उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। अध्यक्ष पद के लिए कुल 83 लोगों ने आवेदन किया था, मगर किसी अन्य के आवेदन तक पर विचार नहीं किया गया। पुलिस ने अपनी पूरी रिपोर्ट एक ही दिन में तैयार करके दे दी। याची पक्ष की ओर से ऐसी तमाम खामियां गिनाई गई। महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और सुप्रीमकोर्ट से आए अधिवक्ता एएसजीआई पटवालिया ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष की नियुक्ति का अधिकार सरकार को है। अनिल यादव के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है जिससे उनको अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य माना जाए, जो मुकदमे बताए जा रहे हैं वह ज्यादातर छात्र जीवन के हैं और अब समाप्त हो चुके हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला लिखाना शुरू कर दिया है।
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याचीगण की दलील थी कि अनिल यादव की नियुक्ति बिना किसी प्रक्रिया को अपनाए कर दी गई है। उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। अध्यक्ष पद के लिए कुल 83 लोगों ने आवेदन किया था, मगर किसी अन्य के आवेदन तक पर विचार नहीं किया गया। पुलिस ने अपनी पूरी रिपोर्ट एक ही दिन में तैयार करके दे दी। याची पक्ष की ओर से ऐसी तमाम खामियां गिनाई गई। महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और सुप्रीमकोर्ट से आए अधिवक्ता एएसजीआई पटवालिया ने याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अध्यक्ष की नियुक्ति का अधिकार सरकार को है। अनिल यादव के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है जिससे उनको अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य माना जाए, जो मुकदमे बताए जा रहे हैं वह ज्यादातर छात्र जीवन के हैं और अब समाप्त हो चुके हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला लिखाना शुरू कर दिया है।
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