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UPPSC : 12 साल में सात पीसीएस परीक्षाओं पर विवाद, घिरा आयोग, सीएम दरबार तक पहुंचा मामला

Wed, 05 Mar 2025 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 05 Mar 2025 05:07 PM IST
सार

पत्र में यह दावा भी किया गया है कि इसके फलस्वरूप 76 प्रश्न सही करने वाले छात्र को प्रारंभिक परीक्षा में उतीर्ण और 82 से 84 सही करने वाले को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। सीएम से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करें, ताकि आयोग अंतिम उत्तर कुंजी, प्रारंभिक परीक्षा का कट ऑफ और छात्रों के स्कोर कार्ड शीघ्र जारी करे।

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UPPSC: Controversy over seven PCS exams in 12 years commission surrounded, matter reaches CM
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीसीएस-2013 से 2024 तक आयोजित 12 पीसीएस परीक्षाओं में सात को लेकर विवाद हुआ। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 का परिणाम भी विवादों में है। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सीएम योगी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति कहा है कि पीसीएस-2013 में तत्कालीन अध्यक्ष काे कोर्ट ने तलब किया था। पीसीएस-2014 में आयोग मुकदमा हार गया, पीसीएस-2015 में आयोग को संशोधित उत्तर कुंजी जारी करने का आदेश दिया गया। पीसीएस-2016 में आयोग मुकदमा हारा। लेकिन, मुख्य परीक्षा होने तक ऑर्डर सुरक्षित रखा गया। पीसीएस-2017 में भी आयोग मुकदमा हारा और पीसीएस 2022 को लेकर मामला लंबित है।

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अब पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने सीएम को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 12 प्रश्नों पर छात्रों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। लेकिन, आपत्तियाें पर क्या निर्णय लिया गया, इसे आयोग ने सार्वजनिक नहीं किया और रिजल्ट घोषित कर दिया।
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पत्र में यह दावा भी किया गया है कि इसके फलस्वरूप 76 प्रश्न सही करने वाले छात्र को प्रारंभिक परीक्षा में उतीर्ण और 82 से 84 सही करने वाले को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। सीएम से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करें, ताकि आयोग अंतिम उत्तर कुंजी, प्रारंभिक परीक्षा का कट ऑफ और छात्रों के स्कोर कार्ड शीघ्र जारी करे। सीएम से यह मांग भी की गई है कि 150 प्रश्नों में से एक दर्जन गलत प्रश्न बनाने वाले विशेषज्ञों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए।

आरओ/एआरओ परीक्षा का मुद्दा भी उठाया

पत्र के माध्यम से यह भी अवगत कराया गया है कि नवंबर 2024 में अभ्यर्थियों ने पीसीएस परीक्षा और आरओ/एआरओ परीक्षा को लेकर व्यापक आंदोलन किया था। इसके बाद सीएम के हस्तक्षेप से छात्रों के हित में निर्णय हो पाया। छात्र पुनः अध्ययन प्रक्रिया में लग गए। आयोग ने अब तक आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2024 की तिथि घोषित नहीं की है। जबकि, आंदोलन की समाप्ति के समय आयोग की ओर से कहा गया था कि एक महीने में कमेटी की रिपोर्ट आ जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

 

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