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UPPSC : एपीएस भर्ती में सात साल से उलझी सीबीआई जांच, परिणाम शून्य

Wed, 03 Sep 2025 06:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 03 Sep 2025 06:19 PM IST
सार

अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा-2010 की सीबीआई जांच सात साल से उलझी हुई है। परीक्षा में धांधली के ठोस सबूत मिलने, दोषियों को चिह्नित करने व एफआईआर दर्ज होने के बावजूद सीबीआई के हाथ बंधे हुए हैं।

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UPPSC CBI investigation stuck in APS recruitment for seven years, result zero
यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा-2010 की सीबीआई जांच सात साल से उलझी हुई है। परीक्षा में धांधली के ठोस सबूत मिलने, दोषियों को चिह्नित करने व एफआईआर दर्ज होने के बावजूद सीबीआई के हाथ बंधे हुए हैं और परिणाम शून्य है। लाखों प्रतियोगी छात्र सीबीआई जांच पर टकटकी लगाए बैठे हैं क्योंकि एपीएस भर्ती-2010 में हुए घोटाले का असर इसके बाद हुई अन्य एपीएस परीक्षाओं पर भी पड़ा है।

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एपीएस परीक्षा-2010 में शॉर्टहैंड और टाइप टेस्ट में नियमों को तोड़ मरोड़कर गलत तरीके से दर्जनों अभ्यर्थियाें को चयनित करने का मामला सामने आया था और सरकार की विशेष अनुमति पर इसकी जांच कर रही सीबीआई को धांधली के ठोस सबूत भी मिले थे। सीबीआई ने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। इसके साथ ही इस गड़बड़ी के लिए सीबीआई ने आयोग के तीन तत्कालीन अफसरों को चिह्नित किया था जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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आयोग के इन तीन पूर्व अफसरों से पूछताछ की अनुमति लेने के लिए सीबीआई को चार साल तक इंतजार करना पड़ा लेकिन अब तक पूछताछ नहीं की जा सकी है। वहीं, सीबीआई ने एक दर्जन एपीएस चयनितों को भी चिह्नित किया है जिनके चयन में जांच एजेंसी ने धांधली के आरोप लगाए हैं। साथ ही दावा किया है कि इनके चयन में हुई गड़बड़ी के पर्याप्त साक्ष्य सीबीआई के पास हैं।
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बीते दिनों सीबीआई की ओर से आयोग को भेजे गए पत्र में गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों के नाम का खुलासा गया है। एपीएस भर्ती-2010 में हुई धांधली का नतीजा था कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को एपीएस परीक्षा-2013 को निरस्त कर दोबारा आवेदन लेने पड़े। हालांकि, नए सिरे से आवेदन लेने के बाद परीक्षा दोबारा नहीं हो सकी है। वहीं, एपीएस भर्ती-2023 के तहत शॉर्टहैंड व टाइप टेस्ट का रिजल्ट अब तक घोषित नहीं होने को भी पुराने मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।


गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों पर लटकी तलवार

एपीएस भर्ती में धांधली के लिए आयोग के जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों के साथ गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को सीबीआई ने चिह्नित किया है। सोमवार को मुख्य सचिव ने एपीएस भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच की समीक्षा के लिए सीबीआई एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बैठक में ठोस नतीजा नहीं निकला। अगले हफ्ते बैठक दोबारा बुलाई जा सकती है।

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