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UPHESC: इंटरव्यू से पहले ही वरीयता के आधार पर चुन लिए कॉलेज
Tue, 08 Mar 2022 01:32 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Mar 2022 01:32 AM IST
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असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के इंटरव्यू से पहले ही अभ्यर्थियों ने इस बार वरीयताक्रम में कॉलेज चुन लिए। ऐसे में अंतिम चयन परिणाम के बाद काउंसलिंग के दौरान कॉलेज आवंटन को लेकर कोई विवाद नहीं होगा और चयनित अभ्यर्थियों को समय से नियुक्ति भी मिल जाएगी। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने पहली बार यह व्यवस्था लागू की है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-50 के तहत 47 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती होनी है। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में आयोजित लिखित परीक्षा के आधार पर इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
हिंदी विषय के लिए इंटरव्यू नौ मार्च से शुरू होने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र यूपीएचईएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र तभी डाउनलोड कर सकेंगे जब वे वरीयताक्रम के आधार पर कॉलेज चुनेंगे।
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उदाहरण के तौर हिंदी विषय के अभ्यर्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए जब वेबसाइट पर जा रहे हैं तो सबसे पहले उन कॉलेजों की लिस्ट सामने आ रही हैं, जहां हिंदी विषय की सीटें खाली हैं। इन कॉलेजों को वरीयता क्रम में चुनकर फॉर्म भरने के बाद प्रवेश पत्र और आवेदन पत्र खुल रहे हैं।
अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के दौरान वरीयता क्रम में भरे गए कॉलेजों की सूची, प्रवेश पत्र और आवेदन पत्र का प्रिंट निकालकर साथ ले जाना है। इस नई व्यवस्था लागू होने के कारण अब काउंसलिंग में विवाद की आशंका बहुत कम रह जाएगी।
चयन के बाद काउंसलिंग के दौरान भी अभ्यर्थियों को वरीयता के आधार पर कॉलेज चुनने होते हैं। पहले जब ऑफलाइन भरे गए फॉर्म और ऑनलाइन काउंसलिंग के दौरान भरे गए फॉर्म का मिलान होता था तो उसमें अंतर होने पर अभ्यर्थी आरोप लगाते थे कि ऑफलाइन फॉर्म में छेड़छाड़ की गई है। ऐसे में काउंसलिंग फंस जाती थी। अब इंटरव्यू से पहले ऑनलाइन कॉलेज चुनने के बाद यह विवाद नहीं होगा और काउंसलिंग प्रक्रिया के साथ अभ्यर्थियों को समय से नियुक्ति भी मिल सकेगी।
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प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-50 के तहत 47 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती होनी है। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में आयोजित लिखित परीक्षा के आधार पर इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
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हिंदी विषय के लिए इंटरव्यू नौ मार्च से शुरू होने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र यूपीएचईएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र तभी डाउनलोड कर सकेंगे जब वे वरीयताक्रम के आधार पर कॉलेज चुनेंगे।
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उदाहरण के तौर हिंदी विषय के अभ्यर्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए जब वेबसाइट पर जा रहे हैं तो सबसे पहले उन कॉलेजों की लिस्ट सामने आ रही हैं, जहां हिंदी विषय की सीटें खाली हैं। इन कॉलेजों को वरीयता क्रम में चुनकर फॉर्म भरने के बाद प्रवेश पत्र और आवेदन पत्र खुल रहे हैं।
अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के दौरान वरीयता क्रम में भरे गए कॉलेजों की सूची, प्रवेश पत्र और आवेदन पत्र का प्रिंट निकालकर साथ ले जाना है। इस नई व्यवस्था लागू होने के कारण अब काउंसलिंग में विवाद की आशंका बहुत कम रह जाएगी।
चयन के बाद काउंसलिंग के दौरान भी अभ्यर्थियों को वरीयता के आधार पर कॉलेज चुनने होते हैं। पहले जब ऑफलाइन भरे गए फॉर्म और ऑनलाइन काउंसलिंग के दौरान भरे गए फॉर्म का मिलान होता था तो उसमें अंतर होने पर अभ्यर्थी आरोप लगाते थे कि ऑफलाइन फॉर्म में छेड़छाड़ की गई है। ऐसे में काउंसलिंग फंस जाती थी। अब इंटरव्यू से पहले ऑनलाइन कॉलेज चुनने के बाद यह विवाद नहीं होगा और काउंसलिंग प्रक्रिया के साथ अभ्यर्थियों को समय से नियुक्ति भी मिल सकेगी।