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नए आयोग के गठन से समाप्त होंगे तीन कार्यालय
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चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, चयन बोर्ड के अस्तित्व पर संकट
लखनऊ में स्थापित किया जा सकता है शिक्षक भर्ती के लिए नया आयोग
प्रयागराज। बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती के लिए एक आयोग के गठन के बाद तीन महत्वपूर्ण कार्यालय समाप्त हो जाएंगे। इनमें उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय शामिल हैं। नए आयोग का कार्यालय लखनऊ में खोले जाने की तैयारी है।
पुलिस मुख्यालय पहले ही लखनऊ शिफ्ट किया जा चुका है। शिक्षा अधिकरण भी लखनऊ में खोले जाने की तैयारी है और इसके विरोध में अधिवक्ताओं ने आंदोलन भी किया। इसके अलावा राजस्व परिषद का एक हिस्सा भी काफी पहले लखनऊ शिफ्ट किया जा चुका है। बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती के लिए नए आयोग के गठन का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। ड्राफ्ट को शासन से मंजूर मिलते ही नए आयोग के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा और इसके बाद उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के पास शिक्षक भर्ती से संबंधित कोई काम नहीं रह जाएगा। ऐसे में तीनों कार्यालयों का अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा। इन भर्ती संस्थाओं को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा या इन्हीं कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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लखनऊ में स्थापित किया जा सकता है शिक्षक भर्ती के लिए नया आयोग
प्रयागराज। बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती के लिए एक आयोग के गठन के बाद तीन महत्वपूर्ण कार्यालय समाप्त हो जाएंगे। इनमें उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय शामिल हैं। नए आयोग का कार्यालय लखनऊ में खोले जाने की तैयारी है।
पुलिस मुख्यालय पहले ही लखनऊ शिफ्ट किया जा चुका है। शिक्षा अधिकरण भी लखनऊ में खोले जाने की तैयारी है और इसके विरोध में अधिवक्ताओं ने आंदोलन भी किया। इसके अलावा राजस्व परिषद का एक हिस्सा भी काफी पहले लखनऊ शिफ्ट किया जा चुका है। बेसिक से उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की भर्ती के लिए नए आयोग के गठन का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। ड्राफ्ट को शासन से मंजूर मिलते ही नए आयोग के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा और इसके बाद उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के पास शिक्षक भर्ती से संबंधित कोई काम नहीं रह जाएगा। ऐसे में तीनों कार्यालयों का अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा। इन भर्ती संस्थाओं को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा या इन्हीं कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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