UPESSC : शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अफवाहों को नकारा पर परीक्षाओं पर साधी चुप्पी
बिना नोटिस प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा स्थगित करने के बाद चौतरफा आलाेचनाओं से घिरे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अफवाहों को तो खुलकर नकारा, लेकिन परीक्षा तिथि पर अब भी चुप्पी साध रखी है।
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मुंडन संस्कार संपन्न होने के उपरांत परीक्षा की अगली तारीख निर्धारित की जाएगी। यह विज्ञप्ति देश में वायरल हो गई और कुछ ही देर में आयोग के फोन घनघनाने लगे। ऐसे में आयोग के सचिव मनोज कुमार को अधिकृत रूप से विज्ञप्ति जारी कर इस अफवाह को नकारना पड़ा।
सचिव ने कहा, सोशल मीडिया में फर्जी एवं भ्रामक खबर वायरल की गई है। विज्ञप्ति में सूचना पूर्णतया फर्जी, निराधार और मनगढंत है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा आयोग के प्रतीक चिह्न, नाम एवं परीक्षा नियंत्रक के पद नाम का दुरुपयोग कर तैयार की गई है। आयोग संबंधित शरारती तत्व के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर रहा है।
आयोग ने अफवाहों को तो आधिकारिक रूप से नकार दिया लेकिन 21 और 22 जुलाई को प्रस्तावित टीजीटी परीक्षा के स्थगित होने का कोई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं किया। देश में यह पहला आयोग होगा, जिसने बिना किसी नोटिस के परीक्षा स्थगित कर दी जबकि टीजीटी के 3539 पदों पर भर्ती के लिए 8.69 लाख अभ्यर्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।
नई भर्ती के लिए प्रारूप और पुरानी भर्ती के लिए तारीख तय नहीं
आयोग टीजीटी-पीजीटी की नई भर्ती के लिए न तो अधियाचन का प्रारूप निर्धारित कर सका और न ही पुरानी भर्ती के लिए कोई तारीख तय कर सका। 13.19 लाख अभ्यर्थी तीन साल से अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दोनों ही भर्ती परीक्षाएं तीन बार स्थगित हो चुकी हैं। टीजीटी परीक्षा कब होगी, यह तय नहीं। पीजीटी परीक्षा अगस्त के अंत में प्रस्तावित है, लेकिन इसकी तिथि निर्धारित नहीं है। वहीं, नई भर्ती शुरू करने आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन चाहिए लेकिन आयोग अब तक अधियाचन का प्रारूप भी तय नहीं कर सका है जिसकी वजह से नई भर्ती भी फंसी हुई है।