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रक्षा उपकरणों के उत्पादन का हब बनेगा यूपी: अनुराग ठाकुर
Sun, 14 Jun 2020 01:13 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 14 Jun 2020 01:13 AM IST
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अनुराग ठाकुर
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उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में रक्षा उपकरणों के उत्पादन का एक हब बनेगा। हम अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ निर्यात भी करेंगे। कोवडि-19 के संकट के बाद भारत और मजबूत होकर सामने आएगा। यह बात केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने इविंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में कही।
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शनिवार को वेबिनार का दूसरा दिन था, जिसमें अनुराग ठाकुर के साथ उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी भी शामिल हुए। अनुराग ठाकुर ने बताया कि कोविड-19 के कारण संकट में पड़ी अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए भारत सरकार ने जो राहत पैकेज दिया है, उससे किस प्रकार रोजगार सृजन होगा और इससे नए उद्योग भी स्थापित होंगे।
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वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही निगम कर की दरों को काफी कम कर दिया है। एक अक्तूबर के बाद स्थापित विनिर्माण कंपनियों पर कर दर 15 फीसदी कर दी गई है, जो दुनिया में सबसे कम है। कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने जो भी कदम उठाए हैं, आने वाले दिनों में अर्थव्यवस्था पर उनका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जरूरत पड़ी तो अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे।
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उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा के मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी कहा कि कहा कि सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए अनेक उपाय किए हैं। पहली बार किसी राज्य में श्रमिकों की योग्यता के अनुसार इनकी मैपिंग हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लौटे हुए प्रवासियों में से एक बड़ी संख्या स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार में लगेगी।
उन्होंने तात्कालिक राहत के लिए सरकार की ओर से दिए जा रहे जीवन भत्ते एवं मनरेगा की भूमिका पर विशेष जोर दिया है। मानव संसाधन विकास के निदेशक डॉ. रवि शंकर श्रीवास्तव ने भारत में रोजगार की स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि संगठित क्षेत्र में रोजगार की वृद्धि हमेशा ही बेरोजगारों की वृद्धि से कम रही है।
संगठित क्षेत्र में जो रोजगार श्रमिकों के लिए हैं, उनमें से ज्यादातर असुरक्षित हैं और पिछले 15 वर्षों में असुरक्षित रोजगार ही बढ़ा है। रिजर्व बैंक में चेयर प्रोफेसर और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ग्रोथ के पूर्व निदेशक प्रो. मनोज कुमार पांडा ने जीडीपी और प्रवासी श्रमिकों पर कोविड-19 के पढने वाले प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार को श्रमिकों और अर्थव्यवस्था के लिए अधिक राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए थी।
वेबिनार में डॉ. अरुण कुमार रथ, प्रो. संतोष मेहरोत्रा, डॉ. प्रकाश सिंह, विभोर निगम, अयन मजूदार, योगेश चंद्र पांडेय, विपुल सिंह एव शांभवी सिंह ने भी अपने विचार रखे। संचालन डॉ. उमेश प्रताप सिंह एवं डॉ. विवेक कुमार निगम ने किया।