UP : मानवता के कातिल यूनुस से शांति का नोबेल छीना जाए, यतींद्रानंद बोले- बांग्लादेश पर हो सर्जिकल स्ट्राइक
बांग्लादेश में इस्लामी जिहादी हिंदू, बौद्ध और ईसाई मतावलंबियों पर अत्याचार कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि वहां के हिंदुओं की रक्षा के लिए सैनिक कार्रवाई करे। बिना सैनिक कार्रवाई के वहां हिंदुओं के जान माल की रक्षा नहीं हो सकती। महामंडलेश्वर ने कहा कि सिर्फ धरना- प्रदर्शन से कुछ होने वाला नहीं है।
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जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने शुक्रवार को बांग्लादेश हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर गंभीर चिंता जताई। कहा कि जिस तरह वहां हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं,उससे मानवता शर्मसार हो रही है। बांग्लादेश में इस्लामी जिहादी हिंदू, बौद्ध और ईसाई मतावलंबियों पर अत्याचार कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि वहां के हिंदुओं की रक्षा के लिए सैनिक कार्रवाई करे। बिना सैनिक कार्रवाई के वहां हिंदुओं के जान माल की रक्षा नहीं हो सकती। महामंडलेश्वर ने कहा कि सिर्फ धरना- प्रदर्शन से कुछ होने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वह बांग्लादेश पर सर्जिकल स्ट्राइक का आदेश जारी करें।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस से नोबेल पुरस्कार वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मानवता की हत्या करने वालों को दिया जाना चाहिए। जिस प्रकार से मानवता की हत्या मोहम्मद यूनुस तथा बांग्लादेशी इस्लामी जिहादी कर रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ, मानवाधिकार आयोग जैसी संस्थाएं मौन साधकर तमाशा देख रही हैं, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भारत में अनाधिकृत रूप से घुसे हैं बांग्लादेशी
उन्होंने कहा कि आवश्यकता है भारत के अंदर जो बांग्लादेशी और रोहिंग्या अनाधिकृत रूप से षड्यंत्र के तहत घुसे हुए हैं, उनको देश से बाहर निकाला जाना चाहिए। चाहे संभल की मस्जिद हो, अजमेर की दरगाह हो, यहां तक की आगरा का ताजमहल भी हिंदू मंदिर था। जयपुर घराने की वह संपत्ति तेजो महल के नाम से जानी जाती थी। ताजमहल में हिंदू सनातन चिह्न हैं। लुटेरे आक्रमणकारी मुगलों ने केवल विध्वंस किया है।
वह भारत में किसी प्रकार का निर्माण करने नहीं आए थे। हिंदू समाज जाग रहा है, जिन मंदिरों को तोड़ा गया उन मंदिरों को फिर से पुनरुद्धार करके वहां के विग्रह स्थापित किए जाएंगे। आगरा की शाही मस्जिद की सीढ़िया पर जब मथुरा का मंदिर तोड़ा गया तो भगवान केशव देव जी के विग्रह को सीढि़यों के नीचे दफन किया गया। वह सीढ़ियां तोड़ी जाए, ताकि भगवान के विग्रह को वापस उनके स्थान पर स्थापित किया जा सके।