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UP : हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव से मांगा जवाब, एसआरएन में बच्चों के अस्पताल के निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी

Thu, 11 Dec 2025 02:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 11 Dec 2025 02:24 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एसआरएन अस्पताल में मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन पर कैबिनेट ने क्या फैसला लिया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा इसका विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

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UP High Court seeks response from Principal Secretary, expresses displeasure over delay in construction
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एसआरएन अस्पताल में मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन पर कैबिनेट ने क्या फैसला लिया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा इसका विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। वहीं, एसआरएन अस्पताल में बच्चों के लिए बन रहे अस्पताल के निर्माण में नौ साल की देरी पर भी नाराजगी जताई। कहा, जल्द फंड जारी कराएं। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने दिया है। मामले की सुनवाई छह जनवरी को होगी।

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एसआरएन अस्पताल के डॉ.अरविंद गुप्ता ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष व सदस्य को पार्टी बनाते हुए याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अस्पताल की बदहाली का संज्ञान लिया। 26 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में आठ दिसंबर 2025 को प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.वीके पांडेय और एसआरएन अस्पताल की अधीक्षक प्रभारी नीलम सिंह अदालत में पेश हुईं।
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प्रमुख सचिव का व्यक्तिगत हलफनामा भी प्रस्तुत किया गया, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया। सुनवाई के दौरान डीएम ने जानकारी दी कि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए 51 हजार वर्ग मीटर भूमि को ट्रांसफर करने के लिए जुलाई 2025 में ही राज्य सरकार को पत्र भेजा जा चुका है। छह दिसंबर को रिमाइंडर भी भेजा गया है, जो अभी प्रमुख सचिव स्तर पर लंबित है। यह भी बताया गया कि 18 हजार सात सौ वर्ग मीटर भूमि की लीज डीड पहले ही कैबिनेट मंजूरी के बाद एमएलएन मेडिकल कॉलेज के नाम की जा चुकी है।

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