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हाईकोर्ट ने UP सरकार से पूछा : प्रयागराज में एम्स जैसी सुविधाओं के लिए क्या है योजना, एक अगस्त को होगी सुनवाई

Thu, 18 Jul 2024 04:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Jul 2024 04:55 PM IST
सार

प्रयागराज में कुंभ, महाकुंभ और माघ मेले के दौरान हर बार करोड़ों श्रद्धालु जुटते हैं। बावजूद इसके यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों का बुनियादी ढांचा खस्ताहाल है। याचिका में यह भी दलील दी गई है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रयागराज 59 लाख से अधिक की आबादी वाला शहर है।

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UP government: What is the plan for AIIMS like facilities in Prayagraj, hearing will be held on August 1
अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक) - फोटो : ANI

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि उसके पास प्रयागराज में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या योजना है। यह सवाल न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने सामाजिक संस्था सहज सारथी फाउंडेशन व एक अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर किया है।

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प्रयागराज में कुंभ, महाकुंभ और माघ मेले के दौरान हर बार करोड़ों श्रद्धालु जुटते हैं। बावजूद इसके यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों का बुनियादी ढांचा खस्ताहाल है। याचिका में यह भी दलील दी गई है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रयागराज 59 लाख से अधिक की आबादी वाला शहर है। हाईकोर्ट, एजी ऑफिस, शिक्षा निदेशालय समेत केंद्र और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठित संस्थान है। लेकिन, यहां की स्वास्थ्य सुविधाएं खुद बीमार हैं। विभिन्न जांचों के लिए लाेगों को दर-दर भटकना पड़ता है। थककर लोग निजी डायग्नोसिस सेंटर की शरण लेने को बाध्य होते हैं। वहां लोगों का आर्थिक शोषण भी होता है।
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याची की दलील है कि स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज और टीबी सप्रू अस्पताल में जांच होती तो है, लेकिन उनकी गुणवत्ता निजी केंद्रों के मुकाबले खराब है। अस्पताल भवन की हालत जर्जर है और साफ-सफाई की दशा भी ठीक नहीं। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के मानक पूरे करने के कारण प्रयागराज में केंद्र सरकार को एम्स की स्थापना करनी चाहिए।
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कोर्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव से जवाबी हलफनामा तलब कर मामले की सुनवाई एक अगस्त को नियत की है। कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र सरकार के पास प्रयागराज में एम्स जैसे अस्पताल की स्थापना की कोई योजना है या नहीं।

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