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अतंर्जातीय विवाह पर लगे अविलंब रोक

Mon, 22 Jan 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 22 Jan 2018 01:55 AM IST
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Unrestricted ban on non-marital marriage
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विश्व वेदांत संस्थान की ओर से माघ मेले के त्रिवेणी मार्ग स्थिति काशी सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के शिविर में रविवार को संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें जुटे संतों ने दो टूक कहा कि देश में अतंर्जातीय विवाह पर अविलंब रोक लगे क्योंकि इससे सामाजिक विघटन की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके लिए सरकार सख्त कानून भी लाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर सरकार ने इस बारे में उचित ध्यान न देते हुए अंतर्जातीय विवाह को बढ़ावा दिया तो हिन्दू  रक्षा सेना, विश्व वेदांत संस्थान और महाकाल सेना के तकरीबन 38 लाख प्रशिक्षित कार्यकर्ता इस पर रोक लगाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
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सम्मेलन में अंतर्जातीय विवाह पर रोक, गो संरक्षण, निर्मल गंगा, धर्मांतरण पर रोक सहित नौ प्रस्ताव रखे गए, जिन्हें संतों ने सर्वसम्मति से पारित किया। अब इन्हें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। महासमागम में शामिल संतों ने वर्ण, संस्कृति विरोधियों के उन्मूलन और नशामुक्त भारत का संकल्प भी लिया। कहा, नशे के कारोबार में सरकार को जितना फायदा होता है, उससे कहीं ज्यादा नशे में लिप्त लोगों के इलाज पर खर्च हो जाता है। देश में लाखों परिवार नशेे की लत की वजह से टूट कर बिखर गए हैं।
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स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, विवाह के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी होनी चाहिए। अंतर्जातीय विवाह के मुद्दे पर देश के चौदह प्रदेशों में कराए गए सर्वेक्षण के तहत पता चला है कि 1042  मामलों में से तकरीबन एक हजार मामले असफल साबित हुए हैं। यह भी कहा कि सरकार अन्य मंत्रालयों की तरह धर्म मंत्रालय भी बनाए, जिसका संचालन धर्माचार्यों की देेखरेख में तैयार समिति करे। बतौर अध्यक्ष स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने सभी प्रस्तावों का समर्थन किया। कहा, हिन्दू हितों के लिए इन पर अमल जरूरी है।
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सम्मेलन में टीकरमाफी पीठाधीश्वर स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी, उत्तराखंड पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य कृष्णाचार्य, महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि, दंडी संन्यासी समिति के स्वामी विमलदेवाश्रम, स्वामी ब्रहमस्वरूप ब्रह्मचारी,स्वामी शंकराश्रम, सच्चा बाबा आश्रम के गोपालजी महाराज, अखंडानंद तीर्थ, वैलेदी बल्लभ देवाचार्य सहित बड़ी संख्या में संत, दंडी स्वामी मौजूद थे। महामंडलेश्वर विवेकानंद सरस्वती ने संचालन, स्वामी करुणानंद ने स्वागत और संस्थान के केंद्रीय महामंत्री स्वामी आनंद ने आभार ज्ञापित किया।

पारित किए गए प्रस्ताव
0 अंतर्जातीय विवाह पर लगे रोक, धर्मांतरण पर देशद्रोह की सजा
0 संतों के मामलों और हितों के लिए लिए बने धर्म मंत्रालय
0 प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक अनिवार्य हो संस्कृत शिक्षा
0 जनसंख्या नियंत्रण के लिए बने एक समान कानून
0 सरकारी संरक्षण वाले मठ,मंदिरों की आय का हिन्दू हितों के लिए उपयोग हो
0 जेल में विचाराधीन आंतकवादियों के मुद्दे पर जल्द हो निर्णय, मिले सजा
0 गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा, गोचर भूमि मुक्त हो, प्रत्येक जिले में गोशाला खुले
0 ऐसे मंदिर जिनकी आय नहीं है, उसके पुजारी को मासिक वेतन दिया जाए
0 गंगा की धारा अविरल-निर्मल हो, सीवर, टेनरियों के दूषित जल पर लगे रोक
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