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जाति आधारित भेदभाव की दर्ज होगी शिकायत
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University will take strong action against dispute over caste in campus.
- फोटो : AU
प्रयागराज, 13 जुलाई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं संघटक कॉलेजों में एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से जाति आधारित भेदभाव किया गया तो इसकी शिकायत दर्ज की जाएगी। इसके लिए अलग से रजिस्टर बनाया जाएगा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों की वेबसाइट पर भी अलग से पेज बनाया जाएगा। इस बाबत इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पिछले दिनों जातिगत टिप्पणी से आहत एक मेडिकल छात्रा के आत्महत्या कर लेने के बाद यूजीसी की ओर से जाति आधारित भेदभाव रोकने के उद्देश्य से सभी शिक्षण संस्थानों को गाइडलाइन जारी की गई है। इस क्रम में इविवि के रजिस्ट्रार ने भी सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर की जिम्मेदारी होगी कि वे संस्थान में जाति आधारित भेदभाव न होने दें। साथ ही विश्वविद्यालय एवं कॉलेज अपनी वेबसाइट पर एक पेज बनाएंगे, जिस पर एससी/एसटी, ओबीसी के छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
इसके साथ ही रजिस्ट्रार/प्राचार्य कार्यालय में शिकायत दर्ज करने के लिए अलग से रजिस्टर रखा जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ओर से दर्ज शिकायतों को देखेगी। इविवि के सभी डीन, हेड, डायरेक्टर, कोऑर्डिनरेटर एवं सभी कॉलेजों को प्राचार्यों से कहा गया है कि दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए 30 दिनों के भी कार्रवाई संबंधी आख्या प्रस्तुत करें।
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पिछले दिनों जातिगत टिप्पणी से आहत एक मेडिकल छात्रा के आत्महत्या कर लेने के बाद यूजीसी की ओर से जाति आधारित भेदभाव रोकने के उद्देश्य से सभी शिक्षण संस्थानों को गाइडलाइन जारी की गई है। इस क्रम में इविवि के रजिस्ट्रार ने भी सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार अधिकारियों और फैकल्टी मेंबर की जिम्मेदारी होगी कि वे संस्थान में जाति आधारित भेदभाव न होने दें। साथ ही विश्वविद्यालय एवं कॉलेज अपनी वेबसाइट पर एक पेज बनाएंगे, जिस पर एससी/एसटी, ओबीसी के छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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इसके साथ ही रजिस्ट्रार/प्राचार्य कार्यालय में शिकायत दर्ज करने के लिए अलग से रजिस्टर रखा जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ओर से दर्ज शिकायतों को देखेगी। इविवि के सभी डीन, हेड, डायरेक्टर, कोऑर्डिनरेटर एवं सभी कॉलेजों को प्राचार्यों से कहा गया है कि दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए 30 दिनों के भी कार्रवाई संबंधी आख्या प्रस्तुत करें।
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