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दीक्षांत समारोह से पहले शोधार्थी ने त्यागी पीएचडी की डिग्री
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University Convocation
- फोटो : CITY DESK
इविवि प्रशासन के रवैये से आहत होकर शोधार्थी ने लिया निर्णय
समारोह को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बढ़ रहा विवाद
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पांच सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक शोधार्थी ने समारोह में शामिल न होने और पीएचडी की डिग्री त्यागने का निर्णय लिया है। यह निर्णय शोधार्थी ने इविवि प्रशासन के रवैये से आहत होकर लिया है।
इविवि में अंग्रेजी विभाग में शोधार्थी रहे ध्रुव कुमार सिंह उर्फ ध्रुव हर्ष ने फेसबुक पर लिखा कि समारोह में बुलाए गए नोबेल पुरस्कार विजेता केवल मेडल बाटेंगे, जबकि डिग्री का वितरण किसी और के हाथों कराया जाएगा। पीएचडी की उपाधि पाने वालों के लिए यह सम्मानजनक नहीं होगा। छात्र का यह दावा है कि दीक्षांत समारोह के आयोजन और उसमें आमंत्रण को लेकर उन्हें इविवि प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं भेजी गई। वह मुंबई में थे, जब उन्हें पता चला कि इविवि में दीक्षांत समारोह होने जा रहा है। उन्होंने अपनी तरफ से ई-मेल के माध्यम से इविवि प्रशासन से संपर्क भी किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। हर्ष का आरोप है कि इविवि प्रशासन दीक्षांत समारोह का राजनीतिकरण कर रहा है और इसमें चंद लोगों का हित शामिल है। इविवि प्रशासन की इसी रवैये की वजह से उन्होंने अपनी पीएचडी की डिग्री त्यागने का निर्णय लिया है और वह दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे।
ध्रुव हर्ष ने स्नातक की पढ़ाई इविंग क्रिश्चियन कॉलेज से की और इसके बाद परास्नातक एवं पीएचडी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। उन्होंने इविवि के अंग्रेजी विभाग से वर्ष 2016-17 में ‘द महाभारत इन द कंटेंपोरेरी इंडियन इंग्लिश नॉवेल’ पर पीएचडी की। इसके बाद वह मुंबई चले गए। वह फिल्म निर्माता एवं लेखक हैं। हाल ही में उन्होंने इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। इविवि प्रशासन के रवैये से हताश ध्रुव हर्ष के इस निर्णय ने दीक्षांत समारोह को लेकर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है।
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हमने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले हर छात्र को ई-मेल और फोन द्वारा सूचित किया है। अगर सूचना नहीं थी तो विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उन्होंने अपना नामांकन कैसे करवाया। ध्रुव सिंह से मैंने बात की तो उन्होंने कहा कि वह किसी निजी काम से मुंबई में हैं और दीक्षांत में शामिल नहीं हो पाएंगे। फिलहाल, हमारा पूरा ध्यान सकारात्मक कार्यों पर है। कई प्रश्नों का जवाब हम पहले भी दे चुके हैं। डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों ने धुव्र के निर्णय का किया स्वागत
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह और रोहित कुमार मिश्र ने ध्रुव हर्ष के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि ध्रुव द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपनी शोध उपाधि का न ग्रहण करने के निर्णय ने विश्वविद्यालय के हर उस छात्र और पुरा छात्र का सम्मान बढ़ा दिया, जिसे आज विश्वविद्यालय की गिरती हुई दशा को लेकर किसी भी प्रकार का क्षोभ और चिंता है। जिस दीक्षांत समारोह का ढिंढोरा विश्वविद्यालय प्रशासन पीट रहा है, कौन नहीं जानता कि दीक्षांत छात्रों के सम्मान का द्योतक है और जब कोई छात्र उसमें शामिल होकर असम्मान महसूस करे तो फिर दीक्षांत की सार्थकता क्या? ऐसे समय में जब लोग कुछ भी पा लेने के लिए कुछ भी कर लेने के दौर से गुजर रहे हों, ऐसे समय में उनकी आवाज इंकलाब बनने की राह दिखाएगी और नौजवान साथियों को ऊर्जा एवं आत्मबल देने का काम करेगी।
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समारोह को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बढ़ रहा विवाद
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पांच सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक शोधार्थी ने समारोह में शामिल न होने और पीएचडी की डिग्री त्यागने का निर्णय लिया है। यह निर्णय शोधार्थी ने इविवि प्रशासन के रवैये से आहत होकर लिया है।
इविवि में अंग्रेजी विभाग में शोधार्थी रहे ध्रुव कुमार सिंह उर्फ ध्रुव हर्ष ने फेसबुक पर लिखा कि समारोह में बुलाए गए नोबेल पुरस्कार विजेता केवल मेडल बाटेंगे, जबकि डिग्री का वितरण किसी और के हाथों कराया जाएगा। पीएचडी की उपाधि पाने वालों के लिए यह सम्मानजनक नहीं होगा। छात्र का यह दावा है कि दीक्षांत समारोह के आयोजन और उसमें आमंत्रण को लेकर उन्हें इविवि प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं भेजी गई। वह मुंबई में थे, जब उन्हें पता चला कि इविवि में दीक्षांत समारोह होने जा रहा है। उन्होंने अपनी तरफ से ई-मेल के माध्यम से इविवि प्रशासन से संपर्क भी किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। हर्ष का आरोप है कि इविवि प्रशासन दीक्षांत समारोह का राजनीतिकरण कर रहा है और इसमें चंद लोगों का हित शामिल है। इविवि प्रशासन की इसी रवैये की वजह से उन्होंने अपनी पीएचडी की डिग्री त्यागने का निर्णय लिया है और वह दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे।
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ध्रुव हर्ष ने स्नातक की पढ़ाई इविंग क्रिश्चियन कॉलेज से की और इसके बाद परास्नातक एवं पीएचडी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। उन्होंने इविवि के अंग्रेजी विभाग से वर्ष 2016-17 में ‘द महाभारत इन द कंटेंपोरेरी इंडियन इंग्लिश नॉवेल’ पर पीएचडी की। इसके बाद वह मुंबई चले गए। वह फिल्म निर्माता एवं लेखक हैं। हाल ही में उन्होंने इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। इविवि प्रशासन के रवैये से हताश ध्रुव हर्ष के इस निर्णय ने दीक्षांत समारोह को लेकर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है।
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हमने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले हर छात्र को ई-मेल और फोन द्वारा सूचित किया है। अगर सूचना नहीं थी तो विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उन्होंने अपना नामांकन कैसे करवाया। ध्रुव सिंह से मैंने बात की तो उन्होंने कहा कि वह किसी निजी काम से मुंबई में हैं और दीक्षांत में शामिल नहीं हो पाएंगे। फिलहाल, हमारा पूरा ध्यान सकारात्मक कार्यों पर है। कई प्रश्नों का जवाब हम पहले भी दे चुके हैं। डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों ने धुव्र के निर्णय का किया स्वागत
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह और रोहित कुमार मिश्र ने ध्रुव हर्ष के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि ध्रुव द्वारा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपनी शोध उपाधि का न ग्रहण करने के निर्णय ने विश्वविद्यालय के हर उस छात्र और पुरा छात्र का सम्मान बढ़ा दिया, जिसे आज विश्वविद्यालय की गिरती हुई दशा को लेकर किसी भी प्रकार का क्षोभ और चिंता है। जिस दीक्षांत समारोह का ढिंढोरा विश्वविद्यालय प्रशासन पीट रहा है, कौन नहीं जानता कि दीक्षांत छात्रों के सम्मान का द्योतक है और जब कोई छात्र उसमें शामिल होकर असम्मान महसूस करे तो फिर दीक्षांत की सार्थकता क्या? ऐसे समय में जब लोग कुछ भी पा लेने के लिए कुछ भी कर लेने के दौर से गुजर रहे हों, ऐसे समय में उनकी आवाज इंकलाब बनने की राह दिखाएगी और नौजवान साथियों को ऊर्जा एवं आत्मबल देने का काम करेगी।