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Prayagraj : मरीज को डिस्चार्ज कराने गए मामा के बेटे को दलाल बताकर पुलिस को सौंपा

Fri, 30 Jun 2023 04:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 30 Jun 2023 04:03 PM IST
सार

शर्मा राजपूत (42), जोकि फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष का रहने वाला है। वह डीसीएम गाड़ी चलाता है। शर्मा राजपूत ने बताया कि 27 जून को कौशाम्बी में उसकी गाड़ी की ब्रेक फेल होने की वजह से उसका एक्सीडेंट हो गया था।

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Uncle son, who went to discharge the patient, was handed over to the police as a pimp.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

एसआरएन अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज को डिस्चार्ज कराने गए मामा के बेटे को प्राइवेट अस्पताल का दलाल बताकर डॉक्टरों ने पुलिस को सौंप दिया। मरीज और उसके परिजन के बार-बार बताने पर भी डॉक्टरों ने उनकी एक भी बात न सुनी। थोड़ी देर में जब इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को दी गई तो उन्होंने युवक को पुलिस से छुड़वाकर मरीज को भी डिस्चार्ज करवाया।

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शर्मा राजपूत (42), जोकि फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष का रहने वाला है। वह डीसीएम गाड़ी चलाता है। शर्मा राजपूत ने बताया कि 27 जून को कौशाम्बी में उसकी गाड़ी की ब्रेक फेल होने की वजह से उसका एक्सीडेंट हो गया था। जिसमें उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। एंबुलेंस से उसे मंझनपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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उन्होंने बताया कि एसआरएन में 28 जून को भर्ती कराया गया। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद सारी दवाएं बाहर से लिखी गईं। दो दिन में 15 हजार रुपये का बिल बन गया। कहा कि दाहिने पैर की हड्डी टूटी गई है और बाएं पैर में भी गंभीर चोट आई है।
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उसने अपने मामा के लड़के कृष्णमुरारी को बुलवाकर डिस्चार्ज करवाने को कहा, तो यहां के डॉ. प्रवल ने कृष्णमुरारी को प्राइवेट अस्पताल का दलाल बताकर एसआरएन चौकी के पुलिस को सौंप दिया। उसे यहां से डिस्चार्ज नहीं किया गया। उधर पुलिस कृष्णमुरारी को घंटों एसआरएन चौकी में बिठाए रही। जब इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह को दी गई तो मामले को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने तुरंत चौकी में बिठाए गए कृष्णमुरारी को छुड़वाया। मरीज को भी अस्पताल से डिस्चार्ज करवा दिया।

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