उमेश पाल हत्याकांड : खौफ से सुलेमसरांय बाजार बंद, तनाव के बीच आरएएफ -पीएसी की गश्त
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद शनिवार को धूमनगंज और आस पास के इलाकों में भारी तनाव रहा। रात से ही यहां पर आरएएफ, पीएसी और कई थानों की फोर्स को तैनात कर दिया गया था।
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राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद शनिवार को धूमनगंज और आस पास के इलाकों में भारी तनाव रहा। रात से ही यहां पर आरएएफ, पीएसी और कई थानों की फोर्स को तैनात कर दिया गया था। दिन भर धूमनगंज, जयंतीपुर तथा आस पास के एरिया में फोर्स गश्त करती रही। दिन में जब उमेश का शव पहुंचा तो समर्थक उग्र हो गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों ने किसी तरह समझा बुझाकर उन्हें शांत किया।
2005 में राजू पाल की हत्या के बाद धूमनगंज के साथ ही पूरे शहर में भारी बवाल हुआ था। बवाल की आशंका को देखते हुए आरएएफ, पीएसी और भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। फोर्स सुबह से ही जीटी रोड तथा गलियों में गश्त करती रही। एडीसीपी आकाश कुलहरी बार बार मौके पर मौजूद लोगों से मिल रहे थे। उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे थे कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
एडीसीपी घर वालों से भी लगातार बात कर रहे थे। इस बीच पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और डीएम संजय खत्री भी कई बार मौके पर गए और फोर्स के साथ गश्त किया। घर के आस पास समर्थक बड़ी संख्या में जुटे थे। वे बार बार नारेबाजी कर रहे थे। उमेश के घर में सांत्वना व्यक्त करने वालों का तांता लगा था। इसी बीच शाम को जब शव पोस्टमार्टम से घर के लिए चला तो पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जब शव पहुंचा तो उग्र समर्थकों ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया। इस दौरान ट्रैफिक को रोक दिया गया था। शव के हटते ही ट्रैफिक को खोल दिया गया। आरएएफ और पीएसी के साथ फोर्स को अभी भी वहां तैनात किया गया है। फोर्स को निर्देश दिए गए हैं कि रात तक गश्त जारी रखा जाए।