उमेश पाल हत्याकांड : माफिया अतीक अहमद के करीबी को एसटीएफ ने नेपाल से दबोचा, शूटरों की मदद करने का आरोप
उमेश पाल हत्याकांड में चल रही ताबड़तोड़ दबिश के बीच पुलिस ने नेपाल से अतीक अहमद के करीबी कहे जाने वाले क्यूम अंसारी को गिरफ्तारी कर लिया है। आरोप है कि क्यूम अंसारी ने शूटरों की मदद की थी।
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उमेश पाल हत्याकांड के तार नेपाल से भी जुड़ रहे हैं। हत्याकांड में शामिल अपराधियों की धरपकड़ में लगी यूपी एसटीएफ की टीम ने सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के चंद्ररौटा से एक कारोबारी को हिरासत में लिया है। वह अतीक अहमद का करीबी और कई बदमाशों का शरणदाता बताया जा रहा है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि उसे सिद्धार्थनगर जिले के एक सीमावर्ती थाने में पूछताछ के लिए रोका गया था, लेकिन मामला लीक होने के डर से उसे गोरखपुर ले जाया गया। वहां पूछताछ में उसने हत्याकांड में शामिल कुछ लोगों को नेपाल में पहुंचाने की बात भी स्वीकार की है। हालांकि किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को कभी अतीक अहमद के करीबी नेपाल के चंद्रौटा में पेट्रोल पंप मालिक कयूम अंसारी को हिरासत में ले लिया। कयूम मूल रूप से प्रयागराज के मऊआइमा इलाके का रहने वाला है। पुलिस की जांच में पता चला है कि कुछ शूटर हत्याकांड के बाद सीधे नेपाल पहुंचे थे। कयूम ने ही उन्हें गाड़ी और नेपाली करंसी उपलब्ध कराया था।
सूत्रों के अनुसार कयूम अंसारी अपराधियों का शरणदाता रहा है। पहले भी यहां से अपराध करके जाने वालों को वह शरण देता रहा है। उसके अतीक अहमद से पुराने संबंध रहे हैं। लगभग 10 वर्ष पहले मुंबई में हुई किसी घटना में भी उसका नाम आया था। तब मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ की मदद से उसे उठाया था। लेकिन कोई ठोस क्लू न होने के कारण उसे छोड़ना पड़ा था।
नेपाल के रास्ते अन्य स्थानों पर भेजने का करता था काम
पूर्वांचल में कई बड़े अपराधी पैदा हुए। उनमें कुछ मारे गए तो कुछ अब भी जीवित हैं। जानकारों के मुताबिक, यहां अपराध करने वालों पर जब पुलिस का शिकंजा कसता था तो वे नेपाल में शरण लेते थे। कयूम अंसारी भी अपराधियों का शरणदाता रहा है।
तीन दिन नेपाल में रही टीम
बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद यूपी एसटीएफ की टीम तीन दिन नेपाल में रही। कयूम की सारी गतिविधियों पर नजर रखी थी। मौका मिलते ही उसे टीम ने उठा लिया। नेपाल के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी जल्दी में हुई कि किसी को कोई पता नहीं चल सका। लोगों का कहना है कि कयूम का नेपाल में दबदबा है।
बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड में कयूम के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने कुछ शूटरों को सिद्धार्थनगर के रास्ते नेपाल में प्रवेश कराया है। हालांकि इसका कोई ठोस सुबूत नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो यह सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक कही जाएगी। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड के बाद हत्यारों को पकड़ने के लिए एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस दिन-रात एक किए है। सभी अलर्ट मोड में हैं। सोशल मीडिया पर अपराधियों की फोटो और वीडियो शेयर हो रहे थे। इसके बावजूद सिद्धार्थनगर जिले से नेपाल में प्रवेश हो गया और पुलिस उनको पहचान तक नहीं सकी।