उमेश पाल हत्याकांड : बरेली जेल में शूटरों की मीटिंग में मौजूद था सद्दाम, पुलिस का दावा- सदाकत ने किया खुलासा
सद्दाम पूरामुफ्ती के हटवा का रहने वाला है, जो अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा का सगा भाई है। उमेश पाल हत्याकांड की पहली चार्जशीट में पुलिस ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि सद्दाम बरेली जेल में साजिश रचे जाने के दौरान छह अन्य शूटरों व अपने दो साथियों संग मौजूद था।
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उमेश पाल हत्याकांड में एक दिन पहले आरोपी सदाकत खान के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। इनमें से एक यह है कि हत्याकांड की साजिश रचे जाने के दौरान बरेली जेल में माफिया अशरफ का साला सद्दाम भी अपने दो साथियों संग मौजूद था। इसके अलावा हत्याकांड से पहले वह कई बार उमेश की रेकी कर चुका था।
सद्दाम पूरामुफ्ती के हटवा का रहने वाला है, जो अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा का सगा भाई है। उमेश पाल हत्याकांड की पहली चार्जशीट में पुलिस ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि सद्दाम बरेली जेल में साजिश रचे जाने के दौरान छह अन्य शूटरों व अपने दो साथियों संग मौजूद था।
यह बात खुद सदाकत ने पुलिस को अपने बयान में बताई है। सद्दाम एक लाख का इनामी है और मौजूदा समय में बरेली में दर्ज दो मामलों में वांछित चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि उमेश पाल हत्याकांड में उसकी संलिप्तता की बात सामने आई है और धूमनगंज पुलिस भी उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करने में जुटी है।
साबरमती-बरेली जेल से मांगी अतीक-अशरफ की मेडिकल रिपोर्ट
प्रयागराज। अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना में जुटे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दोनों की मेडिकल रिपोर्ट जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए साबरमती व बरेली जेल प्रशासन को पत्र भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
दरअसल अतीक-अशरफ की जब हत्या हुई, उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल्विन अस्पताल लाया गया था। दोनों भाइयों को कस्टडी रिमांड पर लेने वाले उमेश पाल हत्याकांड के तत्कालीन विवेचक धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने जो बयान दिया है, उसमें बताया है कि दोनों अभियुक्त खुद को अस्वस्थ बता रहे थे।
बयान के मुताबिक, 13 अप्रैल को नैनी जेल से लाए जाने के दौरान भी दोनों ने खुद को अस्वस्थ बताया था। इसके बाद 15 अप्रैल को शाम को घबराहट होने की बात कही थी। बयान में यह भी कहा गया है कि उनकी बिगड़ती दशा को देखकर ही दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए रात 10:19 बजे पुलिस अस्पताल के लिए रवाना हुई।
सूत्रों का कहना है कि विवेचक के बयान व अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में अभियुक्तों की मेडिकल हिस्ट्री बेहद अहम है। यही वजह है कि एसआईटी ने इस संबंध में साबरमती व बरेली जेल प्रशासन से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।