उमेश पाल हत्याकांड : प्रयागराज से वकील पहुंचे बरेली, जेल में की अशरफ से मुलाकात, जेल स्टाफ रहा मौजूद
प्रयागराज से आए वकील विजय मिश्रा ने जेल स्टाफ और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से मुलाकात की। माना जा रहा है कि वकील इस मुलाकात के बाद अशरफ का पक्ष प्रयागराज कोर्ट में रखेंगे।
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प्रयागराज से आए वकील विजय मिश्रा ने जेल स्टाफ और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से मुलाकात की। माना जा रहा है कि वकील इस मुलाकात के बाद अशरफ का पक्ष प्रयागराज कोर्ट में रखेंगे। अशरफ ढाई साल से बरेली जिला जेल में बंद है। शुक्रवार को प्रयागराज से जिला जेल पहुंचे अतीक परिवार के वकील विजय मिश्रा ने अशरफ से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक दोनों में कानूनी मुद्दों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला ने बताया कि मुलाकात को लेकर कोर्ट का निर्देश था। सभी विधिक प्रक्रिया पूरी कराते हुए मुलाकात कराई गई।
विजय मिश्रा के आने से पहले हुआ था मुकदमा
उमेश पाल हत्याकांड से अशरफ का जुड़ाव सामने आया तो उस समय भी विजय मिश्रा ने उससे मुलाकात का प्रयास किया था। तब बरेली के अधिकारी मीडिया में छप रही खबरों को झुठला रहे थे। हालांकि विजय मिश्रा के आने से पहले कुछ ऐसे साक्ष्य मिले कि अशरफ के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो गई। इसके बाद अशरफ से किसी की मुलाकात पर रोक लगा दी गई थी। अब लंबे समय बाद वकील से मुलाकात की अनुमति मिली है।
सामाजिक उत्थान का सपना दिखाकर उल्लू सीधा कर रहा था अशरफ
उमेश पाल हत्याकांड में नामजद पूर्व विधायक अशरफ युवाओं को सामाजिक उत्थान का सपना दिखाकर अपना उल्लू सीधा कर रहा था। अब उससे मुलाकात या जुड़ाव के साक्ष्य मिलने पर एसआईटी ने उन्हें नोटिस थमा दिए हैं। सद्दाम से नजदीकी के बाद लल्ला गद्दी अक्सर अपने समाज के युवाओं को अशरफ से मिलवाने ले जाता था। इनमें से कुछ की गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बताते हैं कि अशरफ इन युवाओं के सामने आदर्श की बातें करता था। कहता था कि गद्दी समाज में शिक्षा का स्तर कम है, इसे बढ़ाना होगा। गद्दी समाज के युवाओं को राजनीति में भी सक्रिय होना चाहिए।
वह खुद समाज और युवा पीढ़ी का भला करने के लिए बडे़-बड़े दावे करता था। फिर इन्हीं लोगों का इस्तेमाल प्रयागराज से आने वाले लोगों से मुलाकात व अन्य कामों के लिए किया जाता था। ऐसे लोगों का कहना है कि उन दिनों वे अशरफ से मिलकर गर्व का अहसास करते थे, उन्हें नहीं पता था कि वे फंस जाएंगे। लल्ला गद्दी के साथ अक्सर छुटभैये बदमाश भी अशरफ से मिलने जाते थे।
अशरफ उन्हें बडे़ काम दिलाने का झांसा देता था। अब अशरफ के उमेश पाल हत्याकांड में नामजद होने के बाद उससे मुलाकात करने वालों को चिह्नित कर लिया गया है। एसआईटी ऐसे सभी लोगों को नोटिस भेजकर जुड़ाव की वजह पूछ रही है। जवाब से संतुष्ट होने पर कार्रवाई टल सकती है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर केस में शामिल कर उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।