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Umesh Pal Case: हत्या के बाद 36 घंटे तक शहर में ही छिपे रहे शूटर, एक बाइक से 26 को कानपुर भागे थे असद और गुलाम

Fri, 14 Apr 2023 01:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Apr 2023 01:41 AM IST
सार

असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस अफसरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि उमेश पाल की हत्या के बाद सारे शूटर तकरीबन 36 घंटे तक शहर में ही अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे। असद, गुलाम बाइक से और गुड्डू मुस्लिम बस से 26 फरवरी को कानपुर पहुंचा।

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Umesh Pal Case: Shooter hiding in the city for 36 hours after the murder, Asad and Ghulam fled to Kanpur on a
Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस अफसरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि उमेश पाल की हत्या के बाद सारे शूटर तकरीबन 36 घंटे तक शहर में ही अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे। असद, गुलाम बाइक से और गुड्डू मुस्लिम बस से 26 फरवरी को कानपुर पहुंचा। फिर वहां से वे बस पकड़ कर दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद गुड्डू मुस्लिम मेरठ चला गया।

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असद और गुलाम 49 दिन के दौरान साथ में ही रहे। मुंबई, पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए जब राजस्थान के अजमेर पहुंचे तो एसटीएफ की नजर में आ गए। इस दौरान कई बार पुलिस और एसटीएफ टीम असद के बेहद नजदीक पहुंच गई थीं लेकिन हर बार वह कुछ ही मिनटों के अंतर से बच निकलता था।

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उमेश पाल की हत्या की हत्या के बाद असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान और विजय चौधरी उर्फ उस्मान सीधे चकिया पहुंचे थे। यहां बाइक और क्रेटा कार खड़ी करने के बाद वे आसपास ही मददगारों के घरों में छिप गए। इसी बीच रात में ही पुलिस अतीक के घर पहुंच गई। पुलिस अतीक के दोनों नाबालिग बेटों को उठा लाई थी। ये सारी बातें असद और अन्य शूटरों को पता चल रही थीं।

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अगले दिन यानी 25 फरवरी को असद, गुलाम और गुड्डू मुस्लिम साथ में निकल गए। विजय चौधरी, अरमान और साबिर उनके बाद निकले। असद और गुलाम के बारे में बताया जा रहा है कि वे दोनों एक ही बाइक से कानपुर पहुंचे थे। गुड्डू मुस्लिम बस से पहुंचा था। इसके बाद तीनों बस में बैठकर दिल्ली पहुंच गए। यहां से गुड्डू मुस्लिम मेरठ निकल गया। असद और गुलाम 15 दिन तक दिल्ली के संगम विहार इलाके में खालिद के घर में छिपे रहे। यहां उनकी मदद जीशान और जावेद ने भी की।

इन्हीं लोगों को अखलाक के घर भेजकर असद ने पैसे भी मंगवाए थे। 15 दिन बाद असद और गुलाम दिल्ली से मुंबई चले गए। इसके बाद से उनकी लोकेशन पुलिस को मिल गई। टीम वहां भी पहुंच गई। हालांकि वे मु्ंबई में कुछ ही समय के लिए थे। वहां से वे सीधे पश्चिम बंगाल निकल गए। एसटीएफ को उनकी पश्चिम बंगाल वाली लोकेशन भी मिल गई। टीम ने कोलकाता पोर्ट और आसनसोल के इलाकों में कई जगह दबिश दी लेकिन असद और गुलाम वहां से भी निकल गए थे।

दिल्ली में पांच मिनट पहले निकल गए थे असद और गुलाम
एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि एक जगह तो सिर्फ पांच मिनट के अंतर से वे मिलते मिलते रह गए थे। दोनों बिहार होते हुए कुछ दिन पहले राजस्थान के अजमेर पहुंचे। एसटीएफ टीम इस बार पूरी तरह सतर्क थी। अजमेर में गुपचुप तरीके से उनकी तलाश की जाने लगी। असद और गुड्डू को भी भनक थी कि एसटीएफ उन्हें पकड़ सकती है। वे वहां से भी निकल लिए। मध्य प्रदेश होते वे बृहस्पतिवार को झांसी पहुंचे थे। पारीछा बांध के पास उन्होंने एक पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाया। यहीं पर एसटीएफ ने उन्हें घेर लिया। जवाबी फायरिंग में उन्हें ढेर कर दिया गया।

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