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ठंड से दो की जान गई, एंजाइना अटैक का खतरा बढ़ा
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Two died due to cold, angina attack
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। शीतलहरी के साथ ठंड के तीखे तेवर लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। ठंड से एक किशोरी समेत दो लोगों की जान चली गई। सर्द हुए मौसम में हृदय, अस्थमा और न्यूरो के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। एसआएन अस्पताल की कार्डियोलॉजी और पल्मोनरी विभाग में सांस फूलने की दिक्कत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। 24 घंटे में सीने में दर्द और हार्ट अटैक के 12 मरीज आए।
एसआरएन अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को छाती में दर्द, घबराहट और सांस फूलने की शिकायत लेकर पहुंचे अस्थमा रोगियों की भरमार रही। वायरल संक्रमण के साथ सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीज भी अस्पताल पहुंचे। सिर दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों का बीपी हाई मिला। बारा के हर्रो गांव में एक किशोरी की ठंड से मौत हो गई। वहीं कार्डियोलॉजी विभाग में पहुंचे एक मरीज को डॉक्टरों ने ब्रॉड डेड घोषित किया। डॉक्टरों के मुताबिक रास्ते में ही उनका दम टूट गया होगा। साथ आए लोगों ने बताया कि ठंड लगने से वह गिरे थे।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजपाल के मुताबिक सर्दी में दिल के रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। नसों में सिकुड़न की शिकायतें आम रहती हैं। ऐसे एंजाइना अटैक, हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ठंड से बचाव के उपाय करें और दिक्कत हो तो चिकित्सक से संपर्क करें।
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वहीं न्यूरो विभाग के डॉ. कमलेश सोनकर ने बताया कि घबराहट, उलझन के साथ सिरदर्द हो तो विशेषज्ञ से परामर्श लें। ठंड के मौसम में ब्रेन अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी-जुकान के मरीज भी कभी-कभी गंभीर रोगों से पीड़ित हो जाते हैं। फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक ठंड में बुजुर्गों और बच्चों को विशेष एहतियात से रखना होगा। सिर पर टोपी और पैर में मोजा जरूरी है। घर से बाहर निकलें तो ऊनी कपड़ों को ठीक से पहनें। घर में ठंडे पानी से परहेज करें। उच्च रक्तचाप और मधुमेह पीड़ितों को परहेज के साथ बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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एसआरएन अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को छाती में दर्द, घबराहट और सांस फूलने की शिकायत लेकर पहुंचे अस्थमा रोगियों की भरमार रही। वायरल संक्रमण के साथ सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीज भी अस्पताल पहुंचे। सिर दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों का बीपी हाई मिला। बारा के हर्रो गांव में एक किशोरी की ठंड से मौत हो गई। वहीं कार्डियोलॉजी विभाग में पहुंचे एक मरीज को डॉक्टरों ने ब्रॉड डेड घोषित किया। डॉक्टरों के मुताबिक रास्ते में ही उनका दम टूट गया होगा। साथ आए लोगों ने बताया कि ठंड लगने से वह गिरे थे।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजपाल के मुताबिक सर्दी में दिल के रोगियों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। नसों में सिकुड़न की शिकायतें आम रहती हैं। ऐसे एंजाइना अटैक, हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ठंड से बचाव के उपाय करें और दिक्कत हो तो चिकित्सक से संपर्क करें।
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वहीं न्यूरो विभाग के डॉ. कमलेश सोनकर ने बताया कि घबराहट, उलझन के साथ सिरदर्द हो तो विशेषज्ञ से परामर्श लें। ठंड के मौसम में ब्रेन अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी-जुकान के मरीज भी कभी-कभी गंभीर रोगों से पीड़ित हो जाते हैं। फिजीशियन डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक ठंड में बुजुर्गों और बच्चों को विशेष एहतियात से रखना होगा। सिर पर टोपी और पैर में मोजा जरूरी है। घर से बाहर निकलें तो ऊनी कपड़ों को ठीक से पहनें। घर में ठंडे पानी से परहेज करें। उच्च रक्तचाप और मधुमेह पीड़ितों को परहेज के साथ बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।