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Prayagraj: 68 लाख रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार, खुद को सीबीआई अफसर बताकर लगाया था चूना

Fri, 16 Aug 2024 05:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 16 Aug 2024 05:56 PM IST
सार

जालसाजों ने रिटायर्ड इंजीनियर को क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराकर 68 लाख रुपये ठग लिए थे। इन लोगों ने खुद को सीबीआई अफसर, इनकम टैक्स और ईडी अधिकारी बताकर इंजीनियर को झांसा दिया था। ठगी के पैसों से दिल्ली पहाड़गंज में खोला नाइट बार खोल लिया था।

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Two arrested including the mastermind of fraud of Rs 68 lakh, had opened a night bar in Delhi with the fraud m
ठगी करने वाले जालसाजों को साइबर सेल ने किया गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

साइबर सेल पुलिस ने सेवानिवृत्त इंजीनियर से 68 लाख ठगने के आरोप में दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दरियाबाद निवासी संदीप कुमार सेन (23) और अटाला निवासी मोहम्मद साहिल (19) के रूप में हुई है। दोनों ने पहले क्रिप्टो करेंसी में कम वक्त में पैसा दोगुना करने का लालच देकर 20 लाख निवेश करवाया और फिर खुद को सीबीआई और इनकम टैक्स का अधिकारी बताकर गिरफ्तार नहीं करने के एवज में 48 लाख रुपये ऐंठ लिए।

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प्रयागराज निवासी पीड़ित ने छह अगस्त को साइबर सेल पुलिस को शिकायत दी थी कि शेयर बाजार में निवेश करने के नाम पर जालसाजों से संपर्क हुआ। जालसाज ने भरोसा दिलाया कि उसने डेफ्टर लेजर अकाउंटिंग एप के जरिये क्रिप्टो करेंसी में 40 लाख का निवेश किया। इससे उसे अच्छा फायदा हुआ। आरोपियों के झांसे में आकर उन्होंने एप के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में 20 लाख निवेश कर दिया।
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इसके कुछ ही दिन बाद मोबाइल पर आरबीआई, आयकर विभाग की तरफ से ई-मेल आना शुरू गया। इसमें कहा गया कि आपकी तरफ से प्रतिबंधित करेंसी में पैसा निवेश किया गया है। इतना ही नहीं, सीबीआई की तरफ से लगातार फोन आने लगे, उन्हें गिरफ्तार करने का डर दिखाया गया। शिकायत पर साइबर थाना ने केस दर्ज किया।

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जालसाजों तक ऐसे पहुंची पुलिस

डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद पीड़ित के पास आई मेल के आधार पर आईपी एड्रेस और खाते में ट्रांसफर की गई रकम के आधार पर बैंक अकाउंट नंबर खंगाला गया। इसके बाद परत दर परत जोड़कर जालसाजों को दबोच लिया गया। आरोपियों ने बताया कि वह दोनों दोस्त हैं। करीब आठ महीने पहले ही मुलाकात हुई थी। आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन, एक एंड्रायड मोबाइल, एक चेकबुक, 10 एटीएम कार्ड, 15 फर्जी सिम कार्ड और 14 बैंक खाते मिले हैं।

दोनों आरोपी सिर्फ बारहवीं पास

साइबर सेल थाना प्रभारी राजीव तिवारी ने बताया कि संदीप और साहिल ने 12वीं तक पढ़ाई की है। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने आयकर विभाग, सीबीआई समेत अन्य एजेंसियों की तरफ से होने वाली एफआईआर या फिर जारी होने प्रेस रिलीज को कॉपी कर लेते थे और फिर उसी तरह के भाषा का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए ई-मेल भेजते थे। अब तक की जांच में सामने आया कि इन लोगों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

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